धौरहरा। ईसानगर थाना क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार देर रात कन्हैयादीनपुरवा गांव में सड़क किनारे झोंपड़ी में सो रहे दंपती पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि शोर मचाने पर तेंदुआ खेतों की ओर भाग गया। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।
वन रेंज धौरहरा क्षेत्र के कन्हैयादीनपुरवा गांव में रात करीब दो बजे हरिशंकर (52) और उनकी पत्नी हेमलता (50) रोज की तरह झोंपड़ी में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक तेंदुआ झोंपड़ी में घुस आया और महिला पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से दंपती घबरा गए। हरिशंकर ने जोर-जोर से शोर मचाया, इस पर तेंदुआ महिला को छोड़कर खेतों की ओर भाग गया, जिससे बड़ा हादसा बच गया। घायल हेमलता को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि रात होते ही घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। लोग बच्चों और बुजुर्गों को अकेला बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। कई परिवार रात में जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि दो दिन पूर्व मैला गांव में 11 वर्षीय अनुज पुत्र सहज राम पर भी तेंदुए ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। बीते चार महीनों से समैसा, लाखुन, फत्तेपुर, बेल्तुआ, रायपुर, कैरातीपुरवा समेत आसपास की वन बीटों में तेंदुओं की सक्रियता से ग्रामीणों में डर बना हुआ है।
क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि मैला गांव के आसपास तेंदुए की चहलकदमी की पुष्टि हुई है। वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और आवश्यकता पड़ने पर पिंजरा लगाने की कार्रवाई की जाएगी।