लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार को जिले की सभी तहसीलों में लेखपालों ने कलम बंद हड़ताल कर कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन किया।
थाना दिवस का बहिष्कार करते हुए लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपे। लेखपालों ने अयोध्या की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्षदीप के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और ट्रैप से पहले शिकायत की सत्यता परखने की मांग की।
तहसील अध्यक्ष अमित दीक्षित ने कहा कि हड़ताल भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ), एंटी करप्शन और विजिलेंस की कथित गलत व दुर्भावनापूर्ण ट्रैप कार्रवाई के विरोध में है। मंत्री ब्रजेश ने कहा कि संगठन भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करता, लेकिन निर्दोष कर्मचारियों को फंसाने की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान भीम रतन, रामकृपाल तिवारी, वीरेंद्र वर्मा और शैलेन्द्र श्रीवास्तव समेत कई लेखपाल मौजूद रहे।
ज्ञापन में अयोध्या प्रकरण की स्वतंत्र जांच, ट्रैप से पहले शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, रंजिश, शिकायत के उद्देश्य और संबंधित कार्य में लेखपाल की भूमिका की जांच अनिवार्य करने की मांग की गई। फर्जी शिकायत या षड्यंत्र साबित होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई।
पलियाकलां में तहसील अध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला के नेतृत्व में लेखपालों ने तहसील मुख्यालय पर धरना दिया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने उत्कर्षदीप की कार्रवाई पर रोष जताते हुए लेखपालों को दुर्भावनापूर्ण तरीके से फंसाने का आरोप लगाया।
गोला गोकर्णनाथ में लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया और विजिलेंस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने जांच पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
मोहम्मदी में लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन कर एसडीएम राजेश प्रताप सिंह को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। धौरहरा में भी लेखपालों ने धरना देकर एसडीएम राशिकृष्णा को ज्ञापन सौंपा और मामले की जांच तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
धौरहरा तहसील में धरना प्रदर्शन करते लेखपाल। संवाद