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अपनी सरकार के खिलाफ धरना देंगे शहर विधायक

Mon, 18 Apr 2016 10:53 PM IST
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
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आंदोलन का आह्वान - फोटो : अमर उजाला
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सपा सुप्रीमो और सीएम की फोटो लगा आंदोलन का आह्वान
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अखिलेश-मुलायम, विधायकों फोटो वाले होर्डिंग्स लगवाए
बोले, गन्ना भुगतान के लिए जनता के साथ करेंगे संघर्ष
 किसानों को बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड की शुगर मिलों से गन्ने का बकाया भुगतान दिलाने के लिए बीस अप्रैल से विधायक उत्कर्ष वर्मा के धरने पर बैठने का आह्वान सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अपनी ही सरकार में गन्ना किसानों को भुगतान दिलाने के लिए धरने का आह्वान बगावती तेवरों वाला माना जा रहा है और इसे लेकर संगठन और विधायक का रवैया अलग अलग है। एक तरफ विधायक सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित कई विधायकों की फोटो लगे होर्डिंग्स के जरिे लोगों से धरने में आने का आह्वान कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सपा संगठन ने अपने को इस धरने से अलग बताया है। जिला अध्यक्ष का कहना है कि सदर विधायक की ओर से आयोजित धरने का कोई औचित्य नहीं है। इस धरने में सपा का कोई कार्यकर्ता भी शामिल नहीं होगा। सपा जिलाध्यक्ष ने के रुख के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि धरने देने के मुद्दे पर सदर विधायक को अपनी ही पार्टी से समर्थन नहीं मिल पा रहा है। 


विधायक से दो टूक
हमारी सरकार थी इसलिए सदन में सवाल नहीं किया

1: आपकी पार्टी की सरकार है फिर आपको धरना देने की क्या जरूरत है?
उत्कर्ष: मैंने प्रमुख सचिव गन्ना से लेकर डीएम तक से गन्ना भुगतान कराने के प्रयास किए। जिले में केवल बजाज ग्रुप की मिलों ने गन्ना भुगतान नहीं किया। विधानसभा सदर क्षेत्र में ग्रुप की खंभारखेड़ा मिल है। क्षेत्र में गया तो किसानों का दर्द नहीं सुना गया। इसलिए धरना देकर किसानों के लिए संघर्ष करने का मन बना लिया।
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2: क्या आपने विधानसभा में गन्ना भुगतान की समस्या को उठाया?
उत्कर्ष: नहीं, चूंकि हमारी पार्टी की सरकार है और हम जिले से लेकर लखनऊ तक के अधिकारियों से भुगतान कराने के लिए प्रयासरत थे इसलिए सदन में यह मुद्दा नहीं उठाया।

3: क्या आप अपनी सरकार और अधिकारियों से निराश होकर धरना देने जा रहे हैं?
उत्कर्ष: बिल्कुल नहीं। प्रदेश सरकार गन्ना किसानों का भुगतान कराने के लिए कटिबद्ध है लेकिन क्षेत्र में किसानों की समस्या को देखते हुए मुझे संघर्ष करना पड़ रहा है।
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4: धरना देने के बाद भी भुगतान न हुआ तो?
उत्कर्ष: धरना सांकेतिक है। गन्ना भुगतान न हुआ तो किसानों के साथ मिलकर रणनीति बनाएंगे और विशाल आंदोलन करेंगे।

5: सपा जिलाध्यक्ष धरने का समर्थन नहीं कर रहे हैं? इस बाबत क्या कहेंगे।
उत्कर्ष: यह उनकी मर्जी है। मैं जनता और किसानों का प्रतिनिधि हूं। उनका दर्द मेरे लिए सर्वोपरि है। किसी भी कीमत पर धरना दूंगा।

6: क्या आप पार्टी से बगावत कर रहे हैं?
उत्कर्ष: बिल्कुल नहीं। आप लोग गलत नजरिए से सोच रहे हैं। पार्टी मेरे लिए सर्वोपरि है लेकिन जनता के साथ खड़े होना मेरा दायित्व है।


हो रहा भुगतान का प्रयास, धरना बेमतलब
सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल का कहना है कि विधायक उत्कर्ष वर्मा का धरना बेमतलब का है। धरने से समस्या का समाधान नहीं होता। मिलों पर दबाव बनाकर ही गन्ना भुगतान होगा है और मुख्यमंत्री ने इसके निर्देश पहले ही प्रशासन को दे दिए हैं। जिले में बजाज ग्रुप की तीनों मिलों पर न केवल मुकदमा दर्ज हुआ बल्कि प्रशासन ने छापामारी कर मिल अधिकारियों को हिरासत में भी लिया। जल्द भुगतान करने के लिखित आश्वासन पर ही उन्हें छोड़ा गया है। विधायक के धरने की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दे चुका हूं। सरकार कार्रवाई कर रही है इसलिए धरने से मेरा कोई वास्ता नहीं है और न ही कोई कार्यकर्ता धरनास्थल पर जाएगा। 
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