इंदिरानगर के हजारों परिवारों को नई प्रधान से मालिकाना हक दिलाने की उम्मीद बढ़ी
संपूर्णानगर। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित लगभग साढ़े पांच हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत मझरा पश्चिम के ग्रामीणों ने इस बार सुनीता देवी पर विश्वास जताते हुए उनको प्रधान बनाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क, नाली की समस्या है, साथ ही इंदिरानगर में वर्ष 1969 से बसे हजारों परिवार को मालिकाना हक नहीं मिला है। इसलिए इस बार सुनीता देवी पर भरोसा जताते हुए उनको प्रधान बनाया है। उधर, नवनिर्वाचित प्रधान ने भी गांव वालों की उम्मीदों पर खरा उतरने का वादा किया है।
एक नजर
आबादी - 5500
मतदाता- 2200
पेशा- कृषि, मजदूरी
साक्षरता- 45 प्रतिशत
प्राथमिकताएं
1- अधूरे विकास कार्य करवाना
2- सड़क निर्माण करवाना
3- नाली निर्माण व साफ सफाई कराना
4- श्मशान घाट का निर्माण
5- भूमिहीनों को मालिकाना हक दिलाना
6- पंचायत भवन का निर्माण
समस्याएं
1- गांव में बेहतर साफ-सफाई न होना।
2- श्मशान घाट न होने से दिक्कतें।
3- भूमिहीनों को मालिकाना हक न मिलना
4- खराब स्वास्थ्य सेवाएं।
5- सड़क, नाली का निर्माण न होना।
क्या कहती हैं ग्राम प्रधान
जनता ने जो विश्वास जताया है, उसका पालन करते हुए अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराउंगी। इंटरलॉकिंग सड़क, नाली, श्मशान घाट, पंचायन भवन का निर्माण होगा। साथ ही इंदिरानगर गांव में बसे लगभग 1200 की आबादी को मालिकाना हक दिलाते हुए भूमिहीनों को पट्टा दिलाउंगी।
- सुनीता देवी, प्रधान ग्राम पंचायत मझरा पश्चिम
गांव में सड़कें जर्जर हैं, जहां नाली है वह भी टूटी हुई है। नाली का निर्माण कराया जाए। पात्र लोगों को आवास, शौचालय के साथ ही गांव की मूलभूत सुविधाओं का समय से निस्तारण करने की नवनिर्वाचित प्रधान से उम्मीदें हैं।
- देवेंद्र कुमार, ग्रामीण, बड़ा मझरा पश्चिम
इंदिरानगर वार्ड में सरकारी आवास नहीं बन सकता। जब निर्माण किया जाता है तो वन विभाग आपत्ति करता है। 12 सौ की आबादी है, लेकिन किसी के पास मालिकाना हक नहीं है और सभी भूमिहीन हैं। प्रधान से उम्मीद है कि मालिकाना हक या पट्टा दिलाएं।
- रामपलट यादव, ग्रामीण, इंदिरानगर, मझरा पश्चिम