मैलानी। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की मांग पर रेल मंत्रालय ने नई ट्रेन संख्या 15312/15311 कासगंज-ऐशबाग (लखनऊ)-कासगंज एक्सप्रेस के परिचालन को मंजूरी दे दी है। ट्रेन कासगंज से बरेली, पीलीभीत, पूरनपुर, मैलानी, लखीमपुर और सीतापुर होते हुए लखनऊ पहुंचेगी। इसके शुरू होने से करीब आठ वर्षों बाद जिले का बरेली से रेल जुड़ाव फिर बहाल होने की उम्मीद जगी है।
जितिन प्रसाद ने दो जून को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर कासगंज से वाया मैलानी, पीलीभीत, लखीमपुर और सीतापुर होते हुए लखनऊ तक ट्रेन चलाने की मांग की थी। इसके जवाब में रेल मंत्री ने परिचालन स्वीकृति की जानकारी दी है। हालांकि, अभी समय सारिणी और संचालन तिथि घोषित नहीं हुई है। कोच, पावर, पायलट, ट्रेन मैनेजर समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद समय सारिणी जारी होने की उम्मीद है।
मीटरगेज के समय थीं बरेली की तमाम ट्रेनें
मीटरगेज के दौर में लखनऊ से बरेली के बीच एक्सप्रेस समेत कई पैसेंजर ट्रेनें चलती थीं। बड़ी लाइन बनने के बाद जिले का बरेली से रेल संपर्क नहीं जुड़ सका। नई ट्रेन शुरू होने पर जिलेवासियों को फिर बरेली तक सीधी रेल सुविधा मिल सकेगी।
मेरी ननिहाल और ददिहाल दोनों कासगंज में हैं। मीटरगेज के समय कासगंज की दो ट्रेनें थीं, तब आवागमन आसान था। बड़ी लाइन बनने के बाद बस से जाना पड़ता है, जिसमें अधिक किराया और परेशानी होती है।
-एजाज अहमद, टेलर, मैलानी
जिले के कारोबारियों का कारोबार बरेली की थोक मंडी से जुड़ा है। सीधी ट्रेन चलने से आमजन के साथ व्यापारी वर्ग को भी लाभ मिलेगा। मैं दिल्ली, अजमेर, हरियाणा और पंजाब के लिए ट्रेनों की मांग को लेकर भी ज्ञापन दे चुका हूं।
-भवानी शंकर माहेश्वरी, समाजसेवी, मैलानी
समय सारिणी व्यापारियों के अनुकूल हो। ट्रेन मैलानी से सुबह सात-आठ बजे चलकर बरेली दस-ग्यारह बजे तक पहुंचे और वापसी में शाम पांच-छह बजे के बीच चले तो बेहतर होगा।
-राजेश शर्मा, अध्यक्ष, व्यापार मंडल, मैलानी
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हमारा मुख्य कारोबार बरेली मंडी से जुड़ा है। बड़ी लाइन बनने के बाद से बरेली की ट्रेन न होने से परेशानी हो रही है। व्यापारियों के हिसाब से मैलानी से सुबह और बरेली से शाम को ट्रेन चले तो ज्यादा अच्छा रहेगा।
-कैलाश अग्रवाल, युवा किराना व्यापारी, मैलानी
एजाज अहमद, टेलर, मैलानी
एजाज अहमद, टेलर, मैलानी
एजाज अहमद, टेलर, मैलानी