पांच साल की बताई योजनाएं
1. सफाई व्यवस्था: शहर में नालों की साफ सफाई और जलनिकासी की समस्या को दूर करना।
2. शहर में सामुदायिक केन्द्र बनाना।
3.पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित करना।
4.पिकनिक स्पाट और तालाबों का सौन्दर्यीकरण करना।
5. शहर में विभिन्न जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था करना।
ईओ के कमरे में बैठेंगी अध्यक्ष
नगर पालिका परिसर में कुछ साल पहले लाखों रूपयों खर्च करते हुए अध्यक्ष के लिए वातानुकूलित कक्ष का निर्माण कराया गया था, लेकिन यह कक्ष नवनियुक्ति अध्यक्ष डा. इरा को रास नहीं आया। हाल यह हुआ कि उन्होंने अपना कक्ष छोड़कर ईओ के कक्ष और कुर्सी पर कब्जा जमा लिया । अब वह ईओ के कक्ष में बैठकर नगर पालिका का कामकाज देखेंगी। बाकायदा कक्ष के बाहर नेमप्लेट लगाई गई है। फिलहाल ईओ के कक्ष में अध्यक्ष का कब्जा होने की चर्चाएं पूरे नगर पालिका में थी।
सिर्फ नाम की हेल्प लाइन
शहर वासियों को लेकर बनाई गई नगर पालिका की हेल्पलाइन महज नाम की ही साबित हो रही है। करीब आठ महीने पहले पालिका दफ्तर में एक कार्यालय और एक कर्मचारी के साथ हेल्पलाइन की स्थापना की गई थी। 24 घंटे चलने वाली इस हेल्पलाइन की निगरानी एक कर्मचारी के भरोसे है। मुख्य रुप से सबसे ज्यादा शिकायतें गंदगी और जलभराव की आईं।
रोजाना औसतन 8-10 शिकायतें हर रोज आती हैं। इनमें बिजली और उधड़ी सड़क व टूटे नालों की शिकायतें होती हैं। इनमें गंदगी और जलभराव की शिकायतों का निस्तारण हुआ, लेकिन निर्माण व बिजली संबधी शिकायतें पेंडिंग रहती हैं। तैनात कर्मचारी का कहना है कि इन दोनों समस्याओं का निस्तारण तो समय पर कर दिया जाता है लेकिन निर्माण और बिजली की शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। क्योंकि बजट न होने की वजह से कई बार शिकायतों के निस्तारण में काफी समय लग जा रहा है।