फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखीमपुर खीरी हिंसा: अखिलेश यादव बोले- जब मंत्री ही लोगों को धमकी देते हैं, तो लोग कैसे कर सकते हैं न्याय की उम्मीद

Thu, 07 Oct 2021 10:52 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी

सार

अखिलेश ने कहा कि जब केंद्रीय राज्य मंत्री खुद लोगों को धमकी देते हैं, तो आप ये कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि किसी को न्याय मिलेगा।
विज्ञापन
अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी में बीते रविवार को हुए बवाल को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लिए जाने के कदम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जब केंद्रीय राज्य मंत्री खुद लोगों को धमकी देते हैं, तो आप ये कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि किसी को न्याय मिलेगा।सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है और हमें उम्मीद है कि घटना से प्रभावित परिवारों को न्याय मिलेगा।

विज्ञापन


अहंकार में है सरकार
अखिलेश यादव ने कहा कि पीड़ित परिवार सिर्फ न्याय चाहता है लेकिन अहंकारी योग सरकार न्याय नहीं देना चाहती। अखिलेश यादव बृहस्पतिवार दोपहर बाद मृतक लवप्रीत सिंह के घर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि समाजवादी पार्टी पीड़ित किसानों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। 

पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करीब पौने दो बजे पलिया क्षेत्र के चौखड़ा फार्म पहुंचे। वहां उन्होंने तिकुनिया बवाल में मारे गए लवप्रीत सिंह के पिता सतनाम सिंह से मुलाकात की। परिवार वालों को ढांढस बंधाया। वह चौखड़ा फार्म पर करीब 40 मिनट रुके। बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार न्याय चाहते हैं, लेकिन भाजपा सरकार उन्हें न्याय नहीं देना चाहती। योगी संस्कार अहंकारी हो गई है। वह मामले की लीपा पोती में लगी हुई है। इसी वजह से सभी लोग पीड़ित किसानों के घर पहुंच रहे हैं। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि हमने मृतक किसानों के परिवार को दो दो करोड़ रुपये का मुआवजा देने और केंद्रीय राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्र की बर्खास्तगी और उनके आरोपी पुत्र की गिरफ्तारी की मांग की थी। इनमें से सरकार ने एक भी मांग पूरी नहीं की है। 

मामले की सीबीआई जांच के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान में ले लिया है। अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगी कि जांच किस एजेंसी से कराई जाए। कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का यह आलम है कि किसानों को गाड़ियों के पहिये के नीचे कुचला जा रहा है। मुख्यमंत्री के गृह नगर गोरखपुर में पुलिस व्यापारी को पीट-पीट कर मार डालती है, लेकिन सरकार कानून व्यवस्था में सुधार होने का ढिंढोरा पीट रही है। ऐसे में इस सरकार से न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

अखिलेश यादव चौखड़ा फार्म के बाद निघासन पहुंचे, वहां तिकुनिया बवाल में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के परिवार वालों से मुलाकात की। अखिलेश यहां करीब बीस मिनट तक रुके। परिवार वालों को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने पर हम इन परिवारों की पूरी मदद करेंगे। उन्होंने यहां भी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार न्याय चाहते हैं लेकिन सरकार न्याय नहीं देना चाहती। कहा कि हम तीनों किसान परिवारों से मिलने के बाद पार्टी की ओर से आर्थिक सहायता की बात तय करेंगे। कहा हम पीड़ित परिवार के साथ हैं। उनके लिए संघर्ष करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें