मृतका के पिता ने बताया कि 25 जनवरी शाम करीब पांच बजे उनकी 17 वर्षीय पुत्री लापता हुई थी। तलाश के बाद परिवारवालों को जब पता नहीं चला तब पीड़ित पिता ने थाने में 11 लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। मामला दूसरे समुदाय का होने के कारण पुलिस हरकत में आई और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से बाइक पर बैठी किशोरी और उसके प्रेमी की पहचान की। उसके बाद पुलिस को नजीमाबाद तक बाइक की लोकेशन मिली।
रामनगर जंगल से बरामद हुआ शव
जांच में जो तथ्य सामने आए उसके आधार पर ढखेरवा चौकी इंचार्ज संदीप यादव अपनी टीम के साथ देहरादून पहुंचे। वहां पर रामनगर थाने के नेहवाला स्थान से किशोरी के प्रेमी छोटू उर्फ आसिफ समेत छह लोगों को दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर रामनगर जंगल से किशोरी का शव बरामद किया। किशोरी के चेहरे और गले पर निशान थे। कपड़े भी फट गए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि आरोपी युवक उनकी बेटी का धर्मांतरण कराना चाहते थे। बेटी ने मना किया था। इससे नाराज आरोपियों ने बेटी से पहले दुष्कर्म किया। उसके बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। पढ़ुआ थाना इंचार्ज निराला तिवारी ने बताया कि मामले में आसिफ, सलमान, रजब, जुबेर समेत छह लोगों को हिरासत में लिया गया है।