फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sawan 2025: लखीमपुर का भुईफोरवानाथ मंदिर... यहां भूमि से खुद प्रकट हुआ शिवलिंग, आस्था का है प्रमुख केंद्र

Fri, 11 Jul 2025 05:58 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी में भुईफोरवानाथ मंदिर शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां स्थापित शिवलिंग को लेकर अनूठी मान्यता है। 
विज्ञापन
भुईफोरवानाथ मंदिर में शिवलिंग की पूजा करते भक्त - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी के मेला मैदान में स्थित भुईफोरवानाथ मंदिर शहर और आसपास के क्षेत्रों में आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर अपनी प्राचीनता, धार्मिक महत्व और अनूठी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर का नाम भुईफोरवा नाथ इसलिए पड़ा क्योंकि मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग भूमि को फोड़कर स्वयं प्रकट हुआ था, जिसे स्वयंभू शिवलिंग के रूप में पूजा जाता है। यहां नियमित रूप से आरती का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं। 

विज्ञापन


ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भुईफोरवानाथ मंदिर की स्थापना को लेकर कोई सटीक तिथि उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय मान्यताओं और कथाओं के अनुसार यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। कुछ विद्वानों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यह मंदिर रामायण या महाभारतकाल से संबंधित हो सकता है। मंदिर के शिवलिंग को लेकर यह विश्वास है कि यह स्वयं प्रकट हुआ, जिसके कारण इसे विशेष रूप से चमत्कारी माना जाता है।

सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़ 
मंदिर के पुजारी मुन्ना गिरी ने बताया कि भुईफोरवानाथ मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। सावन के महीने में खासकर प्रत्येक सोमवार को मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ता है। इस दौरान जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से कांवड़िये भी शामिल होते हैं। मंदिर समिति द्वारा सावन मेले के लिए व्यापक तैयारियां की जाती हैं। मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव के साथ माता पार्वती और गणेश जी की मूर्तियां भी स्थापित हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें