जिला अस्पताल स्थित एक्स-रे कक्ष। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे मशीन नहीं होने से मरीजों को परेशानी के साथ अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है। अस्पताल में पुरानी एक्स-रे मशीन से जांच की जा रही है। कई मामलों में रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आने पर मरीजों को निजी केंद्रों से डिजिटल एक्स-रे कराना पड़ता है।
जिला अस्पताल में रोज करीब 70-80 मरीजों की एक्स-रे जांच होती है। इनमें करीब 20-25 मरीजों को डिजिटल एक्स-रे की जरूरत पड़ती है। स्पष्ट रिपोर्ट न मिलने पर उन्हें दोबारा डिजिटल एक्स-रे कराना पड़ता है। निजी केंद्रों पर इसके लिए करीब 500 से 1000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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मेडिकोलीगल में जरूरी होती है स्पष्ट रिपोर्ट
डिजिटल एक्स-रे से हड्डियों के अलावा फेफड़ों और कई प्रकार की चोटों की जांच अधिक स्पष्टता से हो सकती है। गंभीर मामलों में इससे बीमारी या चोट की सही स्थिति का पता लगाने में मदद मिलती है। मेडिकोलीगल मामलों में भी स्पष्ट रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती है।
कई सीएचसी में उपलब्ध है डिजिटल सुविधा
जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे की सुविधा नहीं होने के बावजूद निघासन, मितौली, बेहजम और पलिया समेत कई सीएचसी में डिजिटल एक्स-रे मशीनें लगी हैं और मरीजों को इसकी सुविधा मिल रही है।
बोले सीएमएस : मैं छुट्टी पर हूं, प्रभारी सीएमएस बोले नहीं पता
सीएमएस डॉ. आरके कोली ने बताया कि वह अवकाश पर हैं, इसलिए इस मामले में वर्जन नहीं दे सकते। प्रभारी सीएमएस डॉ. आरपी वर्मा ने भी मामले की जानकारी न होने की बात कही।