लखीमपुर खीरी। खीरी की स्मार्ट पुलिस भले ही छोटे-मोटे मामलों में खुलासा करते हुए पीठ थपथपा लेती हो, लेकिन हत्या, लूट जैसे मामलों में गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। इसमें अंशू हत्याकांड, फरधान की बैंक से लूट का मामला प्रमुख है। दोनों ही घटनाएं हुए 10 से 11 महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस आज तक पुलिस न तो अंशू के हत्यारों तक पहुंच सकी और न ही बैंक के लुटेरों का ही पता लगा सकी है।
तीन अप्रैल 2024 को पांच साल की अंशू की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। घटना को करीब 11 महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस की सुस्त जांच आज तक हत्यारों का पता नहीं लगा सकी है। अंशू के शव के साथ ही हत्याकांड की फाइल भी जमींदोज हो गई। बता दें कि मितौली के पकरिया जलालपुर निवासी अनूप कुमार की पांच वर्षीय मासूम पुत्री अंशू की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। जिस समय अंशू लापता हुई उस समय वह घर के बाहर खेल रही थी। चार अप्रैल को अंशू का शव घर के बाहर कुछ दूर पर झाड़ियों से बरामद हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। पुलिस खुलासे में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
स्कैच हुआ था जारी, फिर भी लुटेरों की पहचान नहीं कर पाई फरधान पुलिस
सात मई 2024 को फरधान कस्बे की जिला सहकारी बैंक के अंदर से लुटेरे दिनदहाड़े 2.98 लाख रुपये से भरा बैग लेकर भाग गए थे। इस घटना में पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर लुटेरों की फुटेज भी निकलवाई थी, लेकिन 10 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस लुटेरों की पहचान नहीं कर सकी है। बता दें कि बैग में कैमहरा समिति के किसानों के जमा किए हुए रुपए थे, जिन्हें कैमहरा समिति के सचिव रविंद्र कुमार लेकर बैंक पहुंचे थे। घटना के बाद आस पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकाली गई। फुटेज में दो बाइक सवार युवक दिखाई दिए थे इसके बाद पुलिस ने लुटेरों का स्कैच भी बनवाया, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
घटनाएं हमारे संज्ञान में नहीं हैं। जानकारी करते हुए जांच कर रहे पुलिस कर्मियों से अपडेट ली जाएगी। जल्द ही घटनाओं का खुलासा किया जाएगा।- संकल्प शर्मा एसपी