लखीमपुर खीरी। चीनी नियंत्रण एक्ट-2025 जारी होने से चीनी मीलों के साथ ही खंडसारी इसके दायरे में गई थी। एक्ट के चलते खंडसारी संचालन में दिक्कतें आ रही थी।
एसोसिऐशन की मांग पर भारत सरकार से खांडसारी को एक्ट से छूट देते हुए चीनी बिक्री को नियंत्रण को बाहर रखा गया है, लेकिन खांडसारी इकाइयों को एक्ट में पंजीकरण कराना होगा, पर काम पहले की तरह कर सकेंगी।
शहर के एक निजी होटल में उत्तर प्रदेश गुड़ एवं खंडसारी मैन्युफैक्चरर की प्रेसवार्ता में पूर्व केंद्रीय ग्रह राज्य मंत्री अजय मिश्र ट्रेनी ने खांडसारी को एक्ट से छूट दिए जाने से संबंधित जानकारी दी। पूर्व मंत्री टेनी ने कहा चीनी मिलों के पास ऐसी टेक्नोलॉजी है, जिससे उनका चीनी उत्पादन दो से तीन प्रतिशत अधिक होता है। जबकि खांडसारी इकाइयों में चीनी उत्पादन कम होता है, लेकिन खांडसारी इकाइयों को आदेश में शामिल किया गया। इससे इकाइयां बंद होने की नौबत आ गई।
इसको लेकर मंत्री उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रहलाद जोशी से वार्ता की। दो बार की वार्ता के बाद तय हुआ कि खांडसारी इकाइयों की जो प्रमुख मांगे हैं वह मान ली गईं। इसमें इनकी चीनी बिक्री पर कोई नियंत्रण नहीं रहेगा, पहले की तरह चीनी बिक्री कर सकेंगे। वहीं मासिक स्टॉक होल्डिंग से भी मुक्त किया गया है।
एसोसिएशन के ज्ञान स्वरूप शुक्ल, अवधेश प्रसाद गुप्ता, जगदीश प्रसाद, एसबी सिंघल, रामऔतार अग्रवाल, मधुरेश गुप्ता, प्रभु प्रकाश अग्रवाल, संजय सिंह वर्मा, श्रीकांत मौजूद रहे।