लखीमपुर खीरी। विश्व हृदय दिवस पर ‘डोंट मिस ए बीट’ गोष्ठी का आयोजन मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल के सभागार में किया गया। अध्यक्षता सीएमएस आरके कोली ने की।
नोडल चिकित्सक डॉ. सैयद मोहम्मद राजा ने 30 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को नियमित जांच करवाने की सलाह दी। जिरियाट्रिक फिजीशियन डॉ. शिशिर पांडे ने हृदय घात से बचने के लिए आवश्यक किट को सदैव अपने पास रखने के लिए बताया। मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने मानसिक रोगों की वजह से हृदय की बीमारियों पर चर्चा की।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बच्चों में दिल की बीमारियों के बढ़ रहे कारणों को बताते हुए बच्चों को शारीरिक व्यायाम करने की बात कही। सीएमएस डॉ. आरके कोली ने एनसीडी के विभिन्न कार्यक्रमों, हाइपरटेंशन व सीने में दर्द के बारे में बताया। इसके बाद विश्व हृदय दिवस पर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। इसमें सभी चिकित्सकों व प्रतिभागियों ने हस्ताक्षर किया। इस दौरान विजय वर्मा, मोहम्मद सईद, नीरज, अनुज श्रीवास्तव, अभिषेक कश्यप आदि मौजूद रहे।
डॉक्टरों ने रैली निकालकर हृदय रोगों के प्रति किया जागरूक
संसारपुर। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर ग्रेजुएट प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य चिकित्सकों ने जागरूकता रैली निकाली, जो उमारानी अस्पताल से शुरू होकर आंबेडकर पार्क होते हुए गोला सदर चौराहे पर आकर चिकित्सीय उद्बोधन के साथ संपन्न हुई।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक मेहरोत्रा ने बताया कि संतुलित भोजन और रोजाना हल्का व्यायाम करें। शराब और धूम्रपान से दूर रहें। टीवी देखते समय मोबाइल और भोजन करते समय टीवी नहीं देखना चाहिए। डॉ. मुकेश वर्मा ने बताया दिल की देखभाल हर उम्र में जरूरी है। इस मौके पर डॉ. रविंद्रनाथ वर्मा, डॉ. रामनरेश वर्मा, डॉ. शफीक अहमद सिद्दीकी, डॉ. संजय वर्मा, डॉ. अवनीश वर्मा, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. एसके गुप्ता और डॉ. अनुपम बाला आदि मौजूद रहे। संवाद
हृदय रोगों के लक्षण पहचानें, समय पर कराएं जांच
पलियाकलां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अधीक्षक डाॅ. भरत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी का संचालन काउंसलर अंकित दीक्षित ने किया। गोष्ठी में अधीक्षक ने बताया कि 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। इसको याद रखना चाहिए कि हमारा दिल हमारी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। आजकल की दौड़ भाग की जिंदगी गलत खानपान तनाव और बैठने की आदतें हृदय के लिए बहुत खतरनाक हो सकती हैं। हृदय रोगों के लक्षण पहचानना, समय पर जांच करना जरूरी होता है।
इसके बचाव के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लें, धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं। चिकित्सक डाॅ. अजीत सिंह ने भी कई जानकारियां दीं। यहां हृदय दिवस पर बचाव और गलत आदतों से दूर रहने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इसमें सीएचसी स्टाफ समेत अन्य लोगों ने हस्ताक्षर किए। संवाद
गोला में विश्व हृदय दिवस पर लोगों को जागरूक करते डॉक्टर। संवाद
गोला में विश्व हृदय दिवस पर लोगों को जागरूक करते डॉक्टर। संवाद