यह सभी छात्र नहीं दे पाएंगे परीक्षा, कॉलेज परिसर में दिन भर रही अफरातफरी
वंचित छात्र-छात्राओं के समर्थन में एबीवीपी के लोगों ने प्राचार्य का किया घेराव
लखीमपुर खीरी। कानपुर विश्वविद्यालय की अस्पष्ट नीतियों के कारण 37 छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए। इस पर कॉलेज में परीक्षा देने से वंचित छात्र-छात्राओं के समर्थन में एबीवीपी के लोगों ने प्राचार्य का घेराव किया। छात्रों के भविष्य को लेकर काफी देर तक एबीवीपी कार्यकर्ताओं और प्राचार्य के बीच बहस होती रही। बाद में सूची में शामिल एक छात्रा को परीक्षा देने का मौका मिल गया। इस दौरान एसडीएम सदर पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
कोरोना काल में तमाम दिक्कतों के कारण इस बार वाईडी कॉलेज के कई छात्रों के प्रवेश पत्र नहीं आए। इसको लेकर पिछले चार दिन से कॉलेज में गहमागहमी चल रही है। एबीवीपी पदाधिकारी छात्रों के भविष्य को लेकर प्राचार्य पर परीक्षा दिलाने का दबाव बना रहे थे, जबकि प्राचार्य का कहना था कि प्रवेश पत्र विश्वविद्यालय ने ही नहीं भेजे। इस कारण छात्रों को परीक्षा में बैठ पाना मुमकिन नहीं है। इस दौरान कई बार कॉलेज प्रशासन एवं परिषद कार्यकर्ताओं में तीखी झड़पें हुईं। सूचना पर सदर एसडीएम डॉ. अरुण कुमार सिंह पुलिस बल के साथ कॉलेज पहुंचे। छात्रों को समझाबुझाकर शांत कराया।
छात्र को लेकर एबीवीपी एवं प्राचार्य हुई नोकझोंक
लखीमपुर खीरी। एबीवीपी के प्रांत कार्य समिति सदस्य हिमांशु तिवारी ने बताया कि परिषद की ओर से पिछले चार दिन से छात्रों को पेपर दिलाने के लिए आंदोलन हो रहा था। इसके चलते शुक्रवार को कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति से वार्ता हुई, जिसके बाद परीक्षा से वंचित छात्रों को दोबारा फार्म भरने का मौका दिया गया, जिसमें से कई छात्रों ने शुक्रवार को परीक्षा भी दी।
संगठन मंत्री अजय प्रताप ने बताया कि फेल छात्रों को इसी सत्र में बैक पेपर देने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने कहा कि कॉलेज कैंपस की मर्यादा बनाने के लिए बाहरी छात्रों का प्रवेश वर्जित करने की प्राचार्य से मांग की। संगठन मंत्री ने कहा कि विद्यार्थी परिषद के आंदोलन का ही नतीजा है कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा कराने का आश्वासन दिया है। धैर्य धवन ,जिला संयोजक संकल्प शुक्ला,जिला सह संयोजक,अमन गुप्ता, प्रभात शुक्ल, अनिरुद्ध, आकाश अवस्थी, शशांक,अवनीश आदि मौजूद रहे।
छात्रहित को लेकर भिड़े एबीवीपी एवं सछास सदस्य
छात्रों के परीक्षा में शामिल न होने के प्रकरण में शुक्रवार को एबीवीपी कार्यकर्ता और सपा छात्रसभा के लोग कॉलेज पहुंच गए। इस पर दोनों पक्षों के लोगों में तीखी झड़प होने गली। हालांकि पुलिस बल मौजूद होने के कारण जल्द ही मामला शांत हो गया।
वाईडी कॉलेज में कुछ छात्रों के प्रवेश पत्र नहीं आए थे। इस पर उन्हें परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया था। हंगामा होने की सूचना पर सीओ सिटी के साथ कॉलेज गया था। प्राचार्य एवं विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता कर तमाम छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति दिला दी गई। कुछ छात्र छात्राओं के शैक्षिक प्रपत्र विश्वविद्यालय नहीं पहुंचे या फिर उनके आवेदन में अन्य किसी प्रकार की गंभीर त्रुटि थी। वही छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए हैं। - डॉ. अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर
140 छात्रों के प्रवेश पत्र यूनिवर्सिटी ने नहीं भेजे थे। कुलपति से वार्ता होने के बाद 104 छात्रों के प्रवेश पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे यह सभी परीक्षा में शामिल हो सकें। विश्वविद्यालय की ओर से 36 छात्रों की सूची रिजक्ट की गई। इनका पेपर में शामिल हो पाना मुश्किल है। - डॉ. डीएन मालपानी, प्राचार्य युवराजदत्त महाविद्यालय