महिला कथा वाचक सोनी कन्हैया।स्रोत आयोजक
लखीमपुर खीरी। राजा परीक्षित को ऋषि श्रृंगी ने श्राप दिया था, जिसके कारण सात दिन के बाद तक्षक नाग ने उन्हें डस लिया और उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद से ही कलियुग की शुरुआत मानी जाती है। ये बात पसगवां ब्लाॅक के दरियाबाद कर्महुसैन गांव में भगवान शिव के मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक सोनी कन्हैया ने कही।
कथावाचक ने कहा कि एक बार राजा परीक्षित, शमीक ऋषि से पीने के लिए पानी मांगते हैं, लेकिन ऋषि ध्यान में थे। राजा की बात का कोई उत्तर नहीं देते। सिर पर स्वर्ण मुकुट में विराजमान कलियुग के प्रभाव से राजा ने इसको अपना अपमान समझा। गुस्से में राजा परीक्षित ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डाल देते हैं।
जब इस बात का पता शमीक ऋषि के पुत्र श्रृंगी ऋषि को लगता है तो वह क्रोध में राजा परीक्षित को श्राप दे देते हैं कि सात दिन के बाद तक्षक नाग उन्हें डस लेगा और उनकी मृत्यु हो जाएगी।