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बस चेतावनी देकर चले गए नए डीएम

Sat, 02 Apr 2016 12:37 AM IST
 ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
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डीएम - फोटो : अमर उजाला
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जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण, बदहाल मिला अस्पताल
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जमीन पर लिटा कर हो रहा था वृद्धा का इलाज, दिलाया बेड
डीएम नेसीएमओ से मांगा जवाब, अन्य स्थानों का भी हाल जाना
डीएम आकाशदीप शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे मरीजों का हाल जानने के लिए अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में गंदगी, ऑपरेशन थियेटर में अव्यवस्था और सर्जिकल वार्ड में जमीन में लिटाकर मरीजों का इलाज होते देखकर डीएम सख्त हो गए। हालांकि यह सख्ती चेतावनी और स्पष्टीकरण तक ही रही। उन्होंने सीएमओ डॉ. अरुण कुमार और कार्यवाहक सीएमएस डॉ. आईबी त्रिपाठी से स्पष्टीकरण मांगा और जल्द ही व्यवस्थाओं को सुधार लेने को कहा। डीएम ने चेताया कि वह फिर आएंगे और यही हालत मिली तो कार्रवाई करेंगे।
डीएम ने सबसे पहले इमर्जेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें वार्ड मरीजों से फुल मिला उन्होंने कहा इमर्जेंसी वार्ड से मरीज दूसरे वार्डों में भेजे जाएं। प्राइवेट वार्ड के शौचालय में उन्हें गंदगी मिली। वीआईपी वार्ड की हालत देख डीएम चौंक गए बोले जब इस वार्ड का यह हाल है तो और वार्डों की स्थिति क्या होगी। इसके बाद वे सर्जिकल वार्ड गए। वहां लौंगा श्री नाम की महिला जमीन पर लेटी मिली। यह देख डीएम ने नाराजगी व्यक्त की और मैर्टन से पूछा इसे बेड क्यों नहीं दिया गया, मैटर्न ने बताया कि अस्पताल के सभी वार्ड फुल हैं। इस पर उन्होंने महिला को वीआईपी वार्ड में भर्ती करने को कहा साथ ही यह भी कहा कि इसका जो भी चार्ज पड़ेगा उसका हिसाब बनाकर दें भुगताने वे करेंगे। अन्य वार्डों में भी जमीन पर लेटे मरीजों को डीएम ने तत्काल बेड पर लिटाने के निर्देश दिए। इसी दौरान गुरमुख सिंह ने बताया कि मारपीट में चोट लगने पर जरनैल सिंह का तीन दिन से एक्सरे नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कार्यवाहक सीएमएस डा.आईबी त्रिपाठी को निर्देश दिए कि मरीजों का तत्काल एक्सरे और दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद उन्होंने बच्चा वार्ड का निरीक्षण किया यहां की व्यवस्था पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। इसी दौरान एक तीमारदार ने बताया कि बर्न वार्ड में मरीजों को न कोई दवाएं मिलती हैं न कोई व्यवस्था है। डीएम सीधे बर्न वार्ड पहुंचे उन्होंने मरीजों का हालचाल पूछा और सीएमओ डा. अरुण कुमार को निर्देश दिए कि बर्न वार्ड की व्यवस्था में आवश्यक सुुुधार किया जाए। मेडिकल वार्ड में गेट के सामने गंदगी मिली वार्ड में उन्होंने शौचालय जाकर देखा यहां भी गंदगी मिली और पानी की व्यवस्था नहीं मिली। इस पर भी डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि वे तत्काल व्यवस्था में सुधार करें तथा पानी और सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें यदि कोई दिक्कत है तो उन्हें प्रस्ताव बनाकर दें वे व्यवस्था कराएंगे।
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तीन दिन हो गए बाप-बेटे को नहीं मिला इलाज
तिकुनियां के रननगर निवासी 85 वर्षीय गुरमुख सिंह और उनका पुत्र 42 वर्षीय जरनैल सिंह विवाद में हुई मारपीट में घायल हो गए थे। उनके साथ घर की महिलाएं भी चोटिल हो गईं थीं। सभी को 30 मार्च को जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। दोनों ने डीएम को बताया कि हाथ और पैर में फ्रैक्चर हुआ है, लेकिन तीसरे दिन भी प्लास्टर नहीं हो पाया है। कोई इलाज नहीं मिला है। इस पर डीएम सख्त हो गए और तत्काल सभी का इलाज शुरू करने को कहा।
ओटी इंचार्ज से किया जवाब तलब
डीएम वार्ड देखने के बाद आपरेशन थियेटर गए यहां छिड़काव से उत्पन्न हुई तीव्र गैस से सांस लेना मुश्किल हो रहा था और आंखों से आंसू निकलने लगे। डीएम तत्काल बाहर आ गए और पूछा कि ऐसी स्थिति किस लिए है। कार्यवाहक सीएमएस डा. आईबी त्रिपाठी ने बताया कि फार्मालीन का छिड़काव किया गया है। डीएम ने कहा छिड़काव का यह कौन सा समय है ओटी इंचार्ज से जवाब मांगकर उन्हें भेजा जाए।
चेताया तो सबने पर हाल तो जस का तस ही
लखीमपुर खीरी। सीएम की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल होने के चलते जिले में चार्ज लेने के बाद जिलाधिकारी जिला अस्पताल का निरीक्षण जरूर करते हैं। यहां हुए पिछले निरीक्षणों में मरीजों को बेड न मिलना, दवाइयों का अभाव, डॉक्टरों की कमी, साफ सफाई जैसी खामियां पाई गई। सबको कड़ी चेतावनी दी गई लेकिन जिला अस्पताल का हाल जस का तस है।
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पूर्व डीएम किंजल सिंह ने बीते साल जिले का चार्ज लेने के बाद जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के ताबड़तोड़ निरीक्षण किए थे। यहां तक कि जिला महिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए यहां के सीसीटीवी कैमरों को अपने मोबाइल से साफ्टवेयर के जरिए जोड़ लिया था। डीएम किंजल शुरुआती दौर में मोबाइल से ही अस्पताल की स्थिति जानकर आ धमकती थीं लेकिन व्यवस्थाएं जस की तस रहीं। छह महीने पहले स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक ने निरीक्षण के समय खामियां पाईं तो तत्कालीन प्रभारी सीएमओ डॉ वीके साहू को चेतावनी भी दी थी। उसी दौरान सांसद अजय मिश्र टेनी को भी जिला अस्पताल के निरीक्षण में खामियां मिलीं थी, जिस पर उन्होंने शासन को भी लिखा था, लेकिन व्यवस्था जस की तस रही।
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