लखीमपुर खीरी। गड्ढा मुक्त सड़कों को लेकर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के फरमान का असर न तो जिले के अफसरों पर पड़ा और नहीं जनप्रतिनिधियों पर। यहीं वजह है कि ग्रामीण क्षेत्र तो दूर शहर की सड़कें भी गड्ढा मुक्त नहीं हो सकीं। हैरत की बात तो यह है कि इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधि एक दूसरे पर जिम्मेदारी का ठीकरा फोड़कर अलग हो जाते हैं। वहीं नोडल अफसर बने मंडलायुक्त ने भी यहां आने पर इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया।
शहर में करीब एक दर्जन प्रमुख मार्गों पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं। अब तो इन सड़कों से पैदल निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। कारण साफ है कि सड़कों पर गड्ढे में पैर जाने से मोच आने अथवा टूटने का खतरा बढ़ गया है। पालिका प्रशासन ने शहपुराकोठी चौराहा पर नाली की दो टूटी पुलियां भी ठीक कराने की जहमत नहीं उठाई है जबकि इस मार्ग से अफसर से लेकर जनप्रतिनिधि तक आए दिन निकलते हैं। अब तो टूटी पुलिया से निकली की सरिया से कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
पुराना एसपी बंगला रोड
पुरानी एसपी बंगला रोड पर ही पीडब्ल्यूडी का ऑफिस है। इस पर गहरे गड्ढ़े बन चुके हैं, जो निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। इससे लोगों को पैदल एवं दो पहिया वाहनों से निकलने में असुविधा होती है। इसे गड्ढ़ा मुक्त करने के लिए किसी के कान पर जूं नहीं रेंग रही।
इमली चौराहा
इमली चौराहा से लेकर कपूरथला तक पूरी रोड खराब है। सड़क पर बने गड्ढे नगर वासियों के लिए मुसीबत बन चुके हैं। महेवागंज जाने के लिए इस रोड का सबसे ज्यादा उपयोग होता है। जिले के जिम्मेदार भी इससे रोज ही निकलते हैं। मगर, बनवाने की सुधि किसी को नहीं है।
रानीगंज फाटक
रानीगंज फाटक वाली गली शहर की व्यस्त गलियों में एक है। तहसील, सीओ ऑफिस, रेलवे स्टेशन, गुड़मंडी आदि होने से गांव से लेकर शहर के लोग सबसे ज्यादा इधर से निकलते हैं। कई साल से निर्माण न होने से जर्जर हो चुकी गली लोगों के लिए दुर्घटना का कारण बन रही है।
सौजन्या चौक
सौजन्या चौक से रोडवेज जाने वाले रास्ते के गड्ढ़े इतने बड़े हैं कि दो पहिया से लेकर ई-रिक्शा चालकों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। इनकी चपेट में आकर आए दिन बाइक चालक चोटिल होते हैं। बारिश में पानी भरने से ये गड्ढे और भी खतरनाक बन जाते हैं।
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सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। जो जर्जर हैं उनका भी जल्द निर्माण कराया जाएगा। सड़कें बनवाने के लिए अलग से धनराशि नहीं मिलती। जनप्रतिनिधि यदि अपनी निधि से या फिर शासन से अतिरिक्त धनराशि दिलवा दें तो काफी सहूलियत मिलेगी।
-आरआर अंबेष, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका
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सभी सड़कों का निर्माण कराया जाना है। जर्जर सड़कों का निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव बनाने को कहा है। जल्द ही लोगों को गड्ढों वाली सड़कों से निजात मिलेगी।
-निरूपमा बाजपेई, अध्यक्ष नगर पालिका
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शहर में सड़कों की मरम्मत पालिका प्रशासन की जिम्मेदारी है लेकिन वह नहीं निभाई जा रही है। सड़कों को गड्ढा मुक्त होना चाहिए, किस कारण यह नहीं हो पा रहे हैं इस संबध में डीएम से बात करेंगे। विधायक निधि से सड़क मरम्मत नहीं करा सकते। जरूरत पड़ी तो उच्चस्तर पर बात करेंगे।
-योगेश वमा, सदर विधायक
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जिले में जो भी सड़कें खराब है उन्हें ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है। शहर में सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने में क्या कठिनाई आ रही है इस संबंध में पालिकाध्यक्ष से बात करेंगे और जो भी संभव होगा वह सहयोग करेंगे। शहपुरा कोठी चौराहा की टूटी पुलिया को पालिका प्रशासन से बात कर ठीक करा देेंगे।
-अजय मिश्र टेनी, सांसद, खीरी लोकसभा