धनगढ़ी-नेपाल के शुक्लाफांटा में जंगल सफरी करते सैलानी। संवाद
धनगढ़ी (नेपाल)। भारत के बनबसा बॉर्डर से सटे नेपाल के कंचनपुर जिला स्थित शुक्लाफांटा राष्ट्रीय उद्यान सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। बरसात और उसके बाद पुलों की मरम्मत के लिए जंगल सफारी की सेवा स्थगित कर दी गई थी। कई मार्गों की अभी मरम्मत हो रही है। इसलिए फिलहाल दो रूटों पर जंगल सफारी की इजाजत है।
बारहसिंहा की अधिक संख्या के लिए प्रसिद्ध शुक्लाफांटा राष्ट्रीय उद्यान के सूचनाधिकारी पुरुषोत्तम बाग्ले ने बताया कि बरसात में मार्गों पर जलभराव और कीचड़ के कारण जंगल सफारी बंद की जाती है। इस दौरान मार्गों और पुलों की मरम्मत कराई जाती है। अभी कई मार्गों की मरम्मत कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस साल मार्ग की मरम्मत न हो पाने के कारण इस सत्र में एक माह की देरी से सफारी की शुरुआत की गई है। शुक्लाफांटा राष्ट्रीय उद्यान में 2,323 बारहसिंहा और 306 काले हिरन हैं, जो देशी-विदेशी सैलानियों को आकर्षित करते हैं।
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इन रूटों पर सफारी की होगी अनुमति -
1- मझगांव, बठनिया ताल से बाबाताल, दूधिया कैंप और रानीताल होते हुए सिंहपुर तक सैलानी जाएंगे।
2- मझगांव से पलिया फांटा और हाथी चौक होते हुए वर्कोला पोस्ट तक सैलानी जा सकेंगे।