उमस भरी गर्मी से मिली राहत, मौसम हुआ खुशनुमा
चोक पड़ी नालियां उफनाईं, कई जगह हुआ जलभराव
पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी के बाद शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश से धरती एक बार फिर तर हो गई। मौसम खुशनुमा हो गया। खेतों में सूख रही फसलों में हरियाली लौट आई। तापमान में गिरावट आने से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। लोगों ने बारिश में भीगने का आनंद लिया। बारिश से कई जगह हुए जलभराव के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
शुक्रवार को सुबह से आसमान में बादल छाए थे। सुबह सात बजे ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे से तेज बारिश शुरू हुई तो करीब दो घंटे बाद थमी। शहर में करीब आधे घंटे की मूसलाधार और डेढ़ घंटे की रिमझिम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। स्कूल, कॉलेजों से लौट रहे विद्यार्थियों को भीगते हुए घर वापस जाना पड़ा। बाजार और सड़कों पर निकले लोग भी भीग कर तर बतर हो गए।
बारिश के चलते विलोबी मैदान, कलक्ट्रेट परिसर, जिला पंचायत कार्यालय परिसर, सदर स्कूल, जिला और महिला अस्पताल में जलभराव हो गया। चोक पड़ी नालियां उफना उठीं और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर आ गया। लोगों को इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। दो घंटे बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा।
जिले के बिजुआ, धौरहरा, र्इंसानगर, बांकेगंज, गोला, बेहजम और मितौली आदि जगहों पर जोरदार बारिश होने की सूचना मिली है। रजागंज, फरधान, नीमगांव सिंकंद्राबाद में तेज बारिश होने की सूचना है। जिले में कुछ जगहों पर महज बूंदाबांदी ही हुई। अच्छी बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
जलभराव से मुख्य मार्ग नाले में तब्दील
खमरिया। कस्बे में सुबह बारिश के बाद मेन रोड किसी नाले में तब्दील नजर आई। जिससे आने जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खमरिया कस्बे में मेन रोड के किनारे बारिश के पानी की निकासी का उचित व्यवस्था न होने के कारण जलभराव की स्थिति पैदा हुई है। सड़क के किनारे बने नाले पर किनारे के दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। आने जाने वाले लोगों को मजबूरन इसी पानी से होकर गुजरना पड़ा।
बारिश से किसानों के चेहरे खिले
रजागंज। क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है वहीं फसलों को काफी फायदा पहुंचा है। तेज हवा चलने से किसानों की धड़कने तेज हो गई है। तेज हवा के साथ हो रही बारिश से तैयार खड़ी फसलें धान, गन्ना, तिल्ली के गिरने से किसान चिंतित हैं। किसान बालगोविंद प्रजापति, वनवारीलाल वर्मा ने कहा कि फसलें गिरने से पैदावार में कमी होती है। कटाई में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।