लखीमपुर खीरी। तेज धूप के साथ लू का खतरा बढ़ गया है और इन दिनों अग्निकांड की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। प्रशासन ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर बचाव के सुझाव साझा किए हैं और कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि लू से बचाव के लिए अधिक से अधिक पानी पियें, चाहे प्यास लगे या न लगे। शरीर में पानी की कमी न होने दें। लस्सी, चावल का माड़, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें, जबकि चाय, कॉफी व अधिक शर्करा युक्त पेयों से दूर रहें। घर से बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को छाता, टोपी या गमछे से ढकें।
धूप में निकलते समय चेहरे, हाथ और पैरों को ढककर रखें तथा समय-समय पर गीले कपड़े से शरीर को ठंडा करते रहें। यदि कोई व्यक्ति लू की चपेट में आ जाए तो उसे छांव में लिटाएं, शरीर को गीले कपड़े से ठंडा करें या नहलाएं और डॉक्टर से संपर्क करें। कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, अत्यधिक पसीना या बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।
जिला आपदा विशेषज्ञ अंकित कुमार राज ने कहा कि जानवरों और बच्चों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें। तेज धूप में घर के निचले हिस्से में रहने की कोशिश करें। गहरे रंग के भारी कपड़े न पहनें और बासी या संदिग्ध खाद्य पदार्थों से बचें।
अग्निकांड से बचाव के लिए घर की वायरिंग की जांच कराएं और आईएसआई मार्क वाले उपकरण ही लगवाएं। गैस सिलिंडर सीधा रखें, पाइप व रेग्युलेटर की जांच करते रहें और अग्निशमन यंत्र जरूर रखें। छोटे बच्चों को माचिस व लाइटर से दूर रखें। विद्युत तारों को सुरक्षित रखें और अवैध कनेक्शन से बचें। दुकानों के बाहर अतिक्रमण न करें, ताकि आपातकालीन वाहन आसानी से पहुंच सकें।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें। फसल अवशेष न जलाएं और खेतों के आसपास पानी की व्यवस्था रखें। बिजली के तारों के नीचे सूखी घास या फसल का भंडारण न करें।