मोहाना नदी के कटान का निरीक्षण करते सिंचई विभाग के अधिकारी। संवाद
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तिकुनियां। भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी के कटान का सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने रननगर और गौढ़ी पहुंचकर जायजा लिया। कटान रोकने का इंतजाम कर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने का आश्वसान ग्रामीणों को दिया।
मोहना नदी हर साल क्षेत्र में तबाही मचाती है। अब तक सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य जमीन और कई गांवों को नदी अपने आगोश में ले चुकी है। नदी का कटान तेज होता देख ग्रामीणों ने शासन और जिला स्तरीय अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर कटान रोकने की मांग की थी। गुरुवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार अफसरों के साथ नेपाल बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी के किनारे बसे गांव गौढ़ी और रननगर में नदी के कटान का जायजा लिया। अधिशाषी अभियंता ने बताया कि कटान रोकने के लिए परियोजना बनाई जाएगी। उसमें बोल्डर, सीसी ब्लॉक आदि का इंतजाम कर कटान रोका जाएगा। उन्होंने बताया कि अब यह काम बारिश के बाद ही शुरू हो सकेगा। भारत-नेपाल सीमा के मध्य बह रही नदी के पार जहां भी भारत की जमीन है उसका भी सर्वे किया जाएगा। बांध का काम शुरू कर तटबंध को कटान रोकने का बंदोबस्त होगा। उनके साथ सिंचाई विभाग के एसडीओ सभाजीत सिंह, रननगर के प्रधान मलूक सिंह, हरभजन सिंह, गुरनाम सिंह, लखबीर सिंह, नानक सिंह सहित अन्य कई किसान मौजूद रहे।