‘बाढ़ रोको, कटान रोको, बरबाद होता किसान रोको’ के लगाए नारे, करोड़ों रुपये के गबन का भी आरोप
बाढ़ कटान संघर्ष मोर्चा तहसील धौरहरा के बैनर तले ग्रामीणों ने मंगलवार को डीएम कार्यालय को घेर लिया और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने तहसील प्रशासन के खिलाफ अनदेखी समेत कई गंभीर आरोप लगाए। कटान रोकने के नाम पर कराए गए कार्यों में अधिकारियों के गबन किए जाने की बात कहते हुए ग्रामीणों ने सांसद, विधायक और तहसीलदार पर संवेदनहीन होने का आरोप भी लगाया। एसडीएम सदर आलोक वर्मा और एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने कटान पीड़ितों को शांत कराने का प्रयास करते हुए समस्या पूछी, तो नाराज लोगों ने बातचीत से इंकार कर दिया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम आकाश दीप से मिलकर बाढ़ कटान से बरबाद हो रही फसलों को बचाने की मांग उठाई। साथ ही कट चुकी जमीन का मुआवजा मांगा।
मोर्चा के संयोजक आचार्य संजय मिश्रा और अध्यक्ष आर्या प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुलासपुरवा, रूद्रपुर, नारीबेहड़, सरैंया गांवों के बाढ़-कटान पीड़ित मंगलवार को विलोबी मेमोरियल परिसर में एकत्र हुए, जहां से ‘बाढ़ रोको, कटान रोको, बरबाद होता किसान रोको’ के नारे लगाते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां पर पीड़ितों ने डीएम कार्यालय को घेरकर नारेबाजी की, जिसकी जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर आलोक वर्मा और एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने दोनों अधिकारियों से कोई बातचीत या ज्ञापन देने से मना कर दिया, जिससे खीझे एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को हड़काकर डराने का प्रयास किया तो वे उग्र होकर नारेबाजी करने लगे, जिससे माहौल गरमा गया। लिहाजा सीओ सिटी एमपी सिंह और कोतवाल रामजीत चौधरी मय फोर्स मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहुंचे। एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाकर डीएम ने समस्याएं सुनीं और शीघ्र निराकरण कराने का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा, जिसमें कटान की भेंट चढ़े घर और जमीन का मुआवजा देने, पीड़ितों को 10-10 लाख रुपये, भोजन एवं दवाइयां तत्काल उपलब्ध कराने, कटान को रोकने का स्थाई समाधान और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांगे शामिल थी। प्रदर्शन में देवेंद्र सिंह, बृजेश पांडेय, भाजपा नेता किशन वाजपेयी, रामभजन मौर्या, अखिलेश, श्यामकिशोर, भोलानाथ, चंद्रमोहन तिवारी, रामसिंह आदि शामिल रहे।
एक सप्ताह बाद सरकारी भवनों में डालेंगे डेरा
संघर्ष मोर्चा ने एक सप्ताह में समस्याओं के निराकरण की मांग की है, जिसके बाद सरकारी भवनों जैसे तहसील, कलक्ट्रेट और डीएम आवास में स्थाई निवास कर कार्य बंद कराने की चेतावनी दी है।