डीएम को ज्ञापन सौपने आए माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति के पदाधिकारी। संवाद
लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों के लिए समर कैंप आयोजित किए जाने हैं। इसका जिम्मा अनुदेशकों को सौंपा गया है। शिक्षकोंं की छुट्टी और अनुदेशकों की समर कैंप में ड्यूटी लगाने को लेकर अनुदेशकों में आक्रोश है। मंगलवार को अनुदेशकों ने डीएम और बीएसए को ज्ञापन सौंपकर समर कैंप से ड्यूटी हटाने की मांग की है।
पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति के अध्यक्ष धीरज वर्मा ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में 20 मई से 15 जून तक ग्रीष्मावकाश होगा। वहीं 21 मई से 15 जून तक समर कैंप होने हैं, इन कैंपों में केवल अनुदेशकों की ही ड्यूटी लगाई गई है। इन दिनों चल रही लू के चलते बच्चों के बीमार होने की प्रबल आशंका है, ऐसे में किसी तरह की कोई अनहोनी पर अनुदेशक की ही जिम्मेदारी बनेगी।
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि अनुदेशक के कार्यकाल की अवधि हर साल एक मई को समाप्त हो जाती है, जो दोबारा 16 जून से प्रारंभ होती है। ऐसे में समर कैंप अवधि में अनुदेशक कार्मिक नहीं होता है। बावजूद इसके शिक्षकों की ड़्यूटी न लगाकर अनुदेशकों को इसका जिम्मा सौंपा गया है। इससे अनुदेशकों में आक्रोश है। सात सूत्री मांगों के ज्ञापन में समर कैंप में अनुदेशकों की ड्यूटी न लगाने की मांग की गई है।