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अनुदेशकों पर चला संविदा समाप्ति का ‘चाबुक’

Wed, 09 Aug 2017 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी। 
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contract termination - फोटो : अमर उजाला
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छात्र संख्या कम होने से 31 अनुदेशकों की संविदा खत्म
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31 जूनियर स्कूलों में 100 बच्चों से कम हुई छात्र संख्या 
31 जुलाई 2017 तक छात्र संख्या पूरा करने का था समय 

बेसिक शिक्षा विभाग ने उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संविदा पर रखे गए 31 अनुदेशकों की संविदा समाप्त कर दी है। इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि इन विद्यालयों में छात्र संख्या 100 से कम हो गई है। ऐसी स्थिति में विभाग ने अनुदेशकों पर ही चाबुक चलाया है, जिसकी तैयारी भी पहले से कर ली गई थी। डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी ने रिन्यूवल के दौरान ही इस शर्त को जोड़ा था कि छात्र संख्या 100 से कम होने पर अनुदेशकों की संविदा स्वत: समाप्त हो जाएगी। हालांकि इस बावत शासनादेश में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है जिससे अनुदेशक संगठन ने निकाले गए अनुदेशकों को दूसरे स्कूलों में समायोजन की मांग की है।  
बता दें कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत 423 उच्च प्राथमिक विद्यालयों (जिनमें छात्रसंख्या 100 से अधिक थी) में अनुदेशकों की संविदा पर नियुक्ति की गई थी। 100 से छात्र संख्या अधिक होने पर अधिकतम तीन-तीन अनुदेशकों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके अनुसार 1269 चयन किए जाने थे। वर्ष 2017-18 में करीब एक माह पहले ही अनुदेशकों का रिन्यूवल किया गया था। इसमें डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी ने 31 जुलाई 2017 तक विद्यालयों में 100 की छात्रसंख्या पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही यह भी जोड़ा था कि 100 से कम छात्रसंख्या वाले स्कूलों के अनुदेशकों की संविदा स्वत: समाप्त हो जाएगी। इस शर्त के मुताबिक संख्या बढ़ाने में 31 विद्यालय नाकाम रहे हैं, जिससे इनके अनुदेशकों की मानदेय का भुगतान रोक दिया गया है। एमआईएस प्रभारी शशिपाल यादव ने बताया कि अभी 31 विद्यालयों को चिन्हित कर लिया गया है जिनसे निकाले गए अनुदेशकों के नाम जल्द ही नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिए जाएंगे।  
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मानक बना लेकिन कार्रवाई पर सस्पेंस कायम 
सर्व शिक्षा अभियान के तहत जारी गाइड लाइन में अनुदेशकों की भर्ती के लिए 100 छात्र संख्या का मानक जरूर बनाया गया है, लेकिन संख्या कम होने पर अनुदेशकों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई का जिक्र नहीं किया गया है। सूत्र बताते हैं कि पहले भी छात्र संख्या कम होने पर उन विद्यालयों के अनुदेशकों को कई माह का मानदेय भुगतान नहीं किया गया है, बल्कि विभाग ने उस बजट को सरेंडर करने का दावा कर रहा है। हालांकि तत्कालीन बीएसए ने 100 से कम छात्रसंख्या होने पर मानदेय भुगतान करने के संबंध में शासन से मार्गदर्शन मांगा था, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई मार्गदर्शन प्राप्त नहीं हुआ है।  
 
अनुदेशकों के रिन्यूवल के दौरान ही बात स्पष्ट कर दी गई थी, जिसके मुताबिक कार्रवाई की गई है। वैसे भी बजट जारी होने के साथ ही सिर्फ 100 छात्र संख्या वाले विद्यालयों के अनुदेशकों को ही भुगतान किए जाने के निर्देश प्राप्त होते हैं। यदि शासन से कोई मार्गदर्शन मिलता है, तो उसके मुताबिक आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।  
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बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए  
 
अनुदेशकों की नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में जारी शासनादेश में छात्र संख्या कम होने पर संविदा समाप्त किए जाने का जिक्र नहीं है। अन्य जिलों में अनुदेशकों का दूसरे विद्यालयों में समायोजन किया गया है। इस लिहाज से यहां भी 100 की छात्र संख्या वाले विद्यालयों में इन अनुदेशकों का समायोजन अविलंब किया जाए। ऐसा न होने पर संगठन आंदोलन करने को विवश होगा।  
संदीप अवस्थी, जिलाध्यक्ष, अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन 
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