एमसीएच विंग में ड्यूटी से गायब मिले जिला अस्पताल के डॉक्टर
रात 12 बजे के बाद दोनो संक्रमितों को किया गया भर्ती
ओयल। कोरोना को लेकर भले ही स्वास्थ्य विभाग बेहतर सतर्कता बरत रहा हो, लेकिन जिले में इनको लेकर लापरवाही बरती जा रही है। कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद भर्ती होने के लिए एमसीएच विंग पहुंचे दो युवक आधी रात तक अस्पताल में खुले आसमान के नीचे बैठे रहे। इस दौरान संक्रमित के साथ आए पुलिसकर्मी सीएमएस का फोन मिलाते रहे, लेकिन किसी ने फोन तक नहीं उठाया।
सोमवार रात गोला कोतवाली पुलिस सात लोगों को जेल भेजने की प्रक्रिया के तहत जब उनकी कोरोना जांच कराई तो दो उनमें से दो युवक कोरोना पॉजिटिव मिले। इस पर अन्य बंदियों की सुरक्षा को देखते हुए जेल अधीक्षक ने दोनों को एमसीएच विंग स्थित कोविड अस्पताल भेजा, लेकिन वहां पर कोई डॉक्टर न मिलने के कारण करीब आठ बजे से आधी रात तक दोनों युवक अस्पताल के मुख्य गेट के निकट खुले आसमान के नीचे बैठे रहे। दोनों युवकों को अस्पताल लेकर पहुंचे पुलिसकर्मियों का कहना है कि युवकों को भर्ती कराने के लिए कई बार सीएमएस के सीयूजी नंबर पर कॉल की, लेकिन किसी ने फोन तक नहीं उठाया। रात करीब साढ़े बारह बजे ड्यूटी पर पहुंचे, डॉक्टर ने दोनों को भर्ती कराया। इस संबंध में एमसीएच विंग के अधीक्षक डॉ. एसी श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में डॉ. आरके कोली की रात आठ से सुबह आठ बजे तक की ड्यूटी थी, लेकिन वह क्यों नहीं आए इस बारे में जानकारी जिला अस्पताल के सीएमएस ही दे सकते हैं।
रात में फोन आया था। इस पर सीएमएस को अवगत कराया दिया गया था। इसके बाद दोनों को कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। डॉक्टर के ड्यूटी से गायब होने की जानकारी नहीं है। इस संबंध में संबंधित से जवाब तलब होगा, जिससे दुबारा इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ