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Lakhimpur Kheri News: रफ्तार मांग रहे उद्योग, झटका दे रही बिजली

Sat, 13 Jun 2026 11:04 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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राहुल मिश्रा
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लखीमपुर खीरी। जिले के उद्योग रफ्तार मांग रहे हैं, लेकिन बिजली व्यवस्था उन्हें लगातार झटके दे रही है। ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाले फॉल्ट से छोटे और मध्यम उद्योगों की मशीनों की चाल थम रही है। उत्पादन प्रभावित हो रहा है और कई कारोबारियों के लिए समय पर ऑर्डर पूरा करना चुनौती बनता जा रहा है।
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जिले में एक लाख से अधिक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं, जबकि जिला उद्योग केंद्र में 55 हजार से अधिक इकाइयां पंजीकृत हैं। इनमें चीनी मिल, राइस मिल, आटा चक्की, तेल उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक दुकानें, रिपेयरिंग, लकड़ी, फर्नीचर, कृषि उपकरण, पैकेजिंग, वेल्डिंग समेत हजारों इकाइयां शामिल हैं।
चीनी मिल और राइस मिल जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयों पर असर अपेक्षाकृत कम है, लेकिन छोटे और मध्यम उद्योगों का अधिकांश काम बिजली आधारित मशीनों पर निर्भर है। ऐसे में थोड़ी देर की कटौती भी उत्पादन प्रक्रिया को प्रभावित कर देती है। कई बार अचानक मशीनें बंद होने से तकनीकी खराबी का खतरा बढ़ जाता है। बार-बार बिजली जाने से मजदूरों को खाली बैठना पड़ता है, जिससे श्रम लागत बढ़ती और उत्पादन घटता है।
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कई उद्योग संचालक मजबूरी में डीजल जनरेटर का सहारा लेते हैं। हालांकि, डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण यह विकल्प भी महंगा साबित हो रहा है। छोटे उद्योगों के लिए यह स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई है, क्योंकि उनके पास अतिरिक्त संसाधन सीमित हैं। कई क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या भी बनी रहती है, जिससे मशीनों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
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जिले में बिजली नेटवर्क एक नजर में
विद्युत व्यवस्था के लिहाज से खीरी जिला दो सर्किल और छह डिवीजन में बंटा है। लखीमपुर सर्किल के अंतर्गत मितौली, निघासन और लखीमपुर डिवीजन आते हैं, जबकि गोला सर्किल में मोहम्मदी, पलिया और गोला डिवीजन शामिल हैं। जनपद में करीब पौने छह लाख विद्युत कनेक्शन हैं। इनमें लखीमपुर सर्किल में 65 हजार से अधिक कनेक्शन शामिल हैं। जनपद में कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल श्रेणी के 77 हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन हैं। इन्हीं कनेक्शनों पर आधारित हजारों छोटे और मध्यम उद्योग बिजली कटौती, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं।
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मिक्सी समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की रिपेयरिंग का काम है। बिजली संकट के कारण कई बार काम प्रभावित हो जाता है। बिजली न होने से कभी-कभी ग्राहक वापस लौट जाते हैं। बिजली व्यवस्था में सुधार होना चाहिए।
- एहतिशाम, दुकानदार
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हमारा यूपीवीसी डोर एंड विंडो फैब्रिकेशन का काम है। बड़े स्तर पर काम होता है और माल की सप्लाई बाहर भी जाती है। सभी काम इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से होते हैं, लेकिन बिजली संकट के कारण काम प्रभावित हो जाता है।
- राहुल मिश्रा, डोर एंड विंडो फैब्रिकेशन कारोबारी

पहले के मुकाबले बिजली सप्लाई काफी बेहतर है। कभी-कभी लोड अधिक बढ़ने से समस्या आ जाती है। टीमें लगातार लगी हैं। जहां भी फॉल्ट होते हैं, उन्हें दुरुस्त कराया जाता है।
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- शैलेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता प्रथम

राहुल मिश्रा

राहुल मिश्रा

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