बिजुआ ब्लाक की ग्राम पंचायत राजगढ़ में इंदिरा आवासों के आवंटन में धांधली उजागर हुई है। सीडीओ नितीश कुमार ने जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ा है। जिस पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने तत्कालीन बीडीओ और सेक्टर अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। जबकि ग्राम पंचायत अधिकारी और संबंधित बाबू की एक वार्षिक वेतनवृद्धि स्थाई तौर पर रोक लगा दी है।
वर्ष 2014-15 में राजगढ़ ग्राम पंचायत में इंदिरा आवासों का आवंटन किया गया था। आवंटन हो जाने के बाद शिकायत मिली थी कि बिना जांच किए चार आवासों का आवंटन अपात्रों को कर दिया गया है। सीडीओ नितीश कुमार ने शिकायत मिलने पर परियोजना निदेशक (पीडी) डॉ. दिनेश कुमार सिंह को पूरे मामले की जांच सौंपी। जांच में पीडी ने पाया कि फर्जीवाड़ा कर इंदिरा आवासों की किस्त भी अपात्रों के खाते में भेज दी गई है।
जिसके बाद आवासों के लिए जारी की गई धनराशि की वापसी कराई गई है। सीडीओ ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन बीडीओ सुनील कुमार (अब नकहा में), सेक्टर अधिकारी श्रीप्रकाश रस्तोगी, ग्राम पंचायत अधिकारी अनिल कुमार अवस्थी और संबंधित बाबू प्रेमपाल को सामूहिक रूप से दोषी पाया गया है।
सीडीओ ने कार्रवाई करते हुए बीडीओ और सेक्टर अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है, जबकि ग्राम पंचायत अधिकारी और बाबू का एक वार्षिक वेतनवृद्धि स्थाई तौर पर रोकी दी गई है। सीडीओ ने बताया कि आवासों के आवंटन में जिन मामलों की शिकायत मिल रही है, उनकी जांच कराई जा रही है।