पहले चरण में 2.96 लाख बच्चों के वजन में 13.5 फीसदी अतिकुपोषित बच्चे मिले
राज्य पोषण मिशन के तहत कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दूसरे चरण में लखीमपुर शहर समेत सात ब्लाकों में मंगलवार को वजन दिवस होगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन कर उनकी आयु के आधार पर कुपोषण के स्तर का पता लगाया जाएगा। मानीटरिंग के लिए सेक्टर प्रभारी और वार्ड पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे ने बताया कि दूसरे चरण में लखीमपुर शहर के अलावा ब्लाक धौरहरा, रमियाबेहड़, निघासन, ईसानगर, पलिया, बिजुआ और नकहा क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन किया जाएगा। इसकी सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि पहले चरण में आठ ब्लाकों में 2.96 लाख बच्चों का वजन किया गया। इसमें करीब 39 हजार (13.5 फीसदी) बच्चे अतिकुपोषित पाए गए हैं। जबकि कुपोषित बच्चों की तादाद करीब एक लाख (33 फीसदी) पाई गई है। कुपोषित बच्चों को हौसला पोषण मिशन के तहत प्रतिदिन 20 ग्राम देसी घी दिया जा रहा है। प्रत्येक बच्चे के अभिभावक को एक बार में 25 दिनों के लिए 500 ग्राम देसी घी का पैक उपलब्ध कराया जा रहा है।
मितौली। ब्लाक में वजन दिवस पर बच्चों की तोल किए जाने पर 5582 बच्चे अति कुपोषित मिले हैं। सीडीपीओ शारदा वर्मा ने बताया कि ब्लाक के 227 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 44510 बच्चों में से 24289 बच्चों का वजन किया गया, जिसमें 14344 में कुपोषण के लक्षण पाए गए हैं। वहीं 5582 बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं।