लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की लखीमपुर इकाई अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज उठाता आ रहा है, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। जनपद भर में तैनात कर्मचारियों ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। पहले दिन शुक्रवार को कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया।
जिला पुरुष चिकित्सालय में डॉ. शिखर बाजपेई, डॉ. शिशिर पांडे के नेतृत्व में कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया। टीबी अस्पताल में तैनात संविदा कर्मचारियों ने विरोध किया। जिलाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी मांग है कि संविदा कर्मचारियों के लिए प्रत्येक वर्ष स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण नीति को लागू किया जाए। अतिरिक्त तीन प्रतिशत बजट से वेतन विसंगति का निस्तारण कर वेतन वृद्धि किया जाए।
जिला अस्पताल में विरोध प्रदर्शन के दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन महंत सिंह, फार्मासिस्ट सहदेव सचान सहित संविदा कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं, टीबी अस्पताल में फार्मासिस्ट परमानंद वर्मा, संजय राय आदि मौजूद रहे।
ये हैं मांगें
ईपीएफ ग्रेड-पे व डीए का निर्धारण। नियमित पदों के सापेक्ष होने वाली भर्ती प्रक्रिया में संविदा कर्मचारियों को वरीयता दी जाए। 7 व 10 वर्ष से अधिक की सेवा कर चुके कर्मचारियों को रॉयल्टी बोनस दिया जाए। सीएचओ का पीबीआई उनके मानदेय में जोड़ा जाए। कंप्यूटर ऑपरेटर का जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन किया जाए। जिला व ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाई में वेतन विसंगति का निस्तारण आदि की मांग की।