आग पर किया मातम, रात चला मजलिसों का सिलसिला
कस्बे में इमाम के बीसवें का आयोजन अकीदत और एहतराम के साथ किया गया। मंगलवार को सैकड़ों अकीदमंदों ने इमाम हुसैन की याद में बीसवें के ताजिए चौक पर रखे और बुधवार को ताजियों के आगे रोशनी, धार्मिक झांकियां, मजलिसों, मातम का सिलसिला पूरी रात चलता रहा। देर रात शिया अकीदतमंदों ने दहकते हुए अंगारों पर नगे पैर चल कर मातम किया। इस दौरान सुरक्षा की लिहाज से पुलिस बल तैनात रहा।
इमाम हुसैन की याद में अकीदतमंदों ने मंगलवार को देर रात को इमाम चौक पर ताजिए रखे और नियाज दिलाई। बुधवार को कस्बे के शेखसरांय, दरगाह, कटरा, डीहपुर, पट्टीरामदास, श्यामलालपुरवा, हनिया टेाला, जोशीटोला आदि मोहल्लों में भव्य ताजियों के आगे रंग बिरंगी झालरों और धार्मिक झांकियों से सजाया गया। शिया इमामबाड़े में अंजुमन हुसैनिया और अंजुमन गुलामाने हुसैन के लोगों ने इमामबाड़ा परिसर में पांच फुट दहल में दहकते हुए अंगारों पर नंगे पांव हाथों में अलम लिए हुए चल कर इमाम हुसैन की कुर्बानी को खिराजे अकीदत पेश की।
अब्बन जैदी, सदर तफसीर हुसैन, रईस मिर्जा, शिब्लू जैदी, बच्छन जैदी, बाबर, इम्तियाज हुसैन, आरिफ, आरिस, हामिद, संजू जैदी, राशिद हुसैन, रईस आगा आदि दर्जनों लोगों ने आग पर चल कर मातम किया। इस दौरान रात भर लोगों ने शब्बेदारी कर मातम मजलिसों का सिलसिला चला। रात भर लोगों को कश्मीरी चाय, काफी, शर्बत की सबील कर लोगों को पिलाया। गुरुवार देर रात ताजियों को जुलूस के रूप में ले जाकर दफन किया गया। इस दौरान खीरी एसओ आनंद कुमार शाही, चौकी इंचार्ज अंसार हुसैन महिला थाना प्रभारी कमर सुल्ताना अपने भारी पुलिस बल के साथ सारी रात गश्त करते रहे।