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विश्व साइकिल दिवस: स्वस्थ रहना है तो रोज एक घंटा साइकिल चलाएं

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डॉ. हरबंश कुमार, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अ​धिकारी
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लखीमपुर खीरी। हाईटेक और दिखावे की जिंदगी में भले ही साइकिल का क्रेज कम हो गया है, लेकिन इसकी उपयोगिता आज भी बरकरार है। नियमित साइकिल चलाने वाले कभी बीमार नहीं होते। पेट्रोल की बचत होती है और पर्यावरण पर भी इसका असर नहीं होता है। ऐसे में साइकिल चलाकर अपना व पर्यावरण का ख्याल रखना चाहिए।
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विश्वभर में तीन जून को साइकिल दिवस मनाया जाता है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. हरबंश कुमार ने बताया कि साइकिल यातायात का सबसे सस्ता साधन माना जाता है। आज से 40-50 वर्ष या इससे पहले, जिसके पास साइकिल होती थी, वह बड़ा आदमी माना जाता था। जैसे-जैसे तकनीक का विकास हुआ और गाड़ियों का उपयोग बढ़ा, वैसे-वैसे साइकिल का क्रेज कम होता गया।
अब साइकिल छात्र या गरीब वर्ग के लोग ही चलाते हैं। सुख सुविधाओं के इस दौर में लोगों का शारीरिक श्रम बिल्कुल भी खत्म हो गया है, जिसका असर सेहत पर पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में जब कोई बीमार होकर डॉक्टर के पास जाता है तो डॉक्टर रोजाना एक घंटा साइकिल चलाने की सलाह देते हैं। साइकिल चलाने के अनेक फायदे हैं। एक तो हमारा शरीर फिट रहता है। दूसरा पेट्रोल की बचत होती और पर्यावरण पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है। उन्होंने बताया कि साइकिल चलाने से हमारे पूरे शरीर की मांसपेशियां क्रियाशील होती हैं।
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