लखीमपुर खीरी। किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है तो कहीं एक्स-रे मशीनें वर्षों से धूल फांक रहीं हैं। वहीं कहीं मशीनें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। जिला अस्पताल सहित कुछ जगहों पर पुरानी जर्जर मशीनों से काम चलाया जा रहा है। ऐसे में मजबूरी में मरीज जिला अस्पताल या निजी लैब पर एक्स-रे करा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को पड़ताल के दौरान ओयल स्थित ट्रामा सेंटर में एक्स-रे मशीन टेक्नीशियन की तैनाती न होने के कारण धूल फांकते नजर आई। ट्रॉमा सेंटर को चालू किए करीब चार साल बीत चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग यहां लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं कर पाया है। वहीं जिले की कई सीएचसी का भी यही हाल है। ऐसे में मरीजों को एक्स-रे कराने के लिए जिला अस्पताल या निजी लैब में जाना पड़ रहा है।
छह माह से खराब है मशीन, पर ड्यूटी दे रहा टेक्नीशियन
निघासन। सीएचसी पर महज तीन दिन ही सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को एक्स-रे जांच होती है। यहां तैनात एक्स-रे टेक्नीशियन रामकुबेर सिंह सप्ताह में मात्र तीन दिन ही आते हैं। शेष दिन वह रमियाबेहड़ सीएचसी पर रहकर कार्यभार देखते हैं। सबसे खास बात यह है कि रमियाबेहड़ सीएचसी पर भी एक्स-रे मशीन पिछले छह माह से खराब है, बावजूद इसके संबंधित टेक्नीशियन वहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं। किसी तरह की सेवाएं दे रहे हैं, इससे अधिकारी भी अनभिज्ञ हैं। संवाद
फूलबेहड़ में तीन दिन जांच, वह भी बिजली मिलने पर
महेवागंज। फूलबेहड़ सीएचसी में मरीजों के लिए एक्स-रे व्यवस्था किस्मत के भरोसे है। बिजली मिलने पर ही एक्स-रे होता है। बताया जा रहा कि जनरेटर मशीन का लोड उठाने में सक्षम नहीं है। सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को एक्सरे की सुविधा मिलती है। फूलबेहड़ सीएचसी अधीक्षक कमलेश नारायण ने बताया कि एक्स-रे टेक्नीशियन अशोक पांडेय के पास बिजुआ अस्पताल में भी एक्स-रे की अतिरिक्त जिम्मेदारी है। बिजली आने पर सप्ताह में तीन दिन ही एक्सरे होता है। संवाद
पसगवां सीएचसी में नहीं एक्स-रे टेक्नीशियन
पसगवां। पसगवां सीएचसी में अप्रैल 2021 में एक्स-रे मशीन डीसीएम श्रीराम फाउंडेशन अजबापुर ने उपलब्ध करवाई थी। सीएमओ ने टेक्नीशियन तैनात करने का आश्वासन डीसीएम श्रीराम फाउंडेशन के अधिकारियों को दिया था, लेकिन एक्स-रे टेक्नीशियन की नियुक्ति आज तक नहीं की जा सकी है। अधीक्षक डॉ. अश्वनी कुमार वर्मा ने बताया कि एक्स-रे करने का कार्य डार्क रूम सहायक रजनीकांत कर रहे हैं। उनको एक्स-रे करने का प्रशिक्षण दिलाया गया है। संवाद
रमियाबेहड़ में छह माह से खराब पड़ी है एक्स-रे मशीन
रमियाबेहड़। सीएचसी रमियाबेहड़ में एक्सरे मशीन महज शोपीस बनकर रह गई है। यहां एक्स-रे मशीन तो लगी हुई है, लेकिन वह करीब छह माह से खराब है। यहां नियमित एक्स-रे टेक्नीशियन भी नहीं है। मरीजों को एक्स-रे के लिए महीनों से भटकना पड़ रहा है। एक्स-रे कमरे में दिन भर ताला लटकता रहता है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक मृदुल कुमार शुक्ला ने बताया एक्स-रे मशीन जल्द सही करवा ली जाएगी। संवाद
बिजली जाने पर होती है समस्या
पलिया। सीएचसी पलिया में एक्स-रे मशीन लगी हुई है। यहां कई साल से लैब टेक्नीशियन भी तैनात है, लेकिन विद्युत आपूर्ति जाने के बाद यहां एक्स-रे मशीन शोपीस बन जाती है। हालांकि जब मरीजों की ज्यादा भीड़ हो जाती है तो जनरेटर चलाकर मरीजों के एक्स-रे किए जाते हैं। यहां लैब टेक्नीशियन के रूप में ध्रुव कुमार तैनात हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में करीब दस एक्स-रे रोजाना किए जा रहे हैं। संवाद
ओयल स्थित ट्रामा सेंटर में धूल फांकती एक्स-रे मशीन। संवाद
ओयल स्थित ट्रामा सेंटर में धूल फांकती एक्स-रे मशीन। संवाद