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Lakhimpur Kheri News: दिन में सवारियां नहीं मिल रहीं तो रात में बसें

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रोडवेज बस स्टैंड पर खड़ी बसें, पसरा सन्नाटा। संवाद
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लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी के चलते रोडवेज बसों को दिन में सवारियां नहीं मिलतीं और रात को सवारियों को बसें नहीं मिलती हैं। यही हाल ट्रेनों का भी है। दिन में सीमित ट्रेनें हैं, जबकि रात को एक भी नहीं है। अगर रात में किसी को लखनऊ, बरेली, दिल्ली सहित अन्य बड़े शहरों को जाना पड़ जाए तो कोई भी साधन नहीं मिलने वाला है। खास बात यह है कि राजधानी लखनऊ जाने के लिए रात नौ बजे के बाद कोई भी साधन नहीं मिलेगा।
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भीषण गर्मी से रोडवेज का लोड फैक्टर घटा है, जिसके चलते आय प्रभावित हो रही है। लखीमपुर डिपो को रोजाना 80 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक नुकसान हो रहा है। लखीमपुर डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी नफासत अली ने बताया कि मार्च में रोजाना 10 से 11 लाख रुपये की आय होती थी, मौजूदा समय नौ से 10 लाख रुपये तक ही आय हो रही है। गर्मी की वजह से सवारियां कम आ रही हैं।
सबसे ज्यादा दोपहर में हाल खराब होता है। पूरी बस में चार से पांच या अधिकतम 10 सवारियां ही डिपो से रवाना होती हैं। यह हाल अप्रैल में गर्मी बढ़ने के बाद से देखने को मिला है। इधर, रोडवेज की आय घटने से विभागीय अफसरों के साथ ही चालक-परिचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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24 घंटे में मात्र पांच जोड़ी ट्रेनें, रात में कोई नहीं
जिले में बड़ी लाइन है, लेकिन ट्रेनों की संख्या सीमित है। 24 घंटे में मात्र पांच जोड़ी ट्रेनें हैं, रात के समय एक भी नहीं है। सभी ट्रेनें दिन के समय हैं। सबसे पहली ट्रेन मैलानी से डॉलीगंज पैसेंजर है, जो लखीमपुर सुबह 6.15 बजे पहुंचती है। दूसरी ट्रेन मैलानी-डॉलीगंज पैसेंजर दोपहर 12.58 बजे, तीसरी मैलानी से सीतापुर अपराह्न 3.19 बजे, चौथी पीलीभीत से डॉलीगंज शाम 18.58 बजे और अंतिम ट्रेन पीलीभीत-डॉलीगंज रात नौ बजे है। खास बात यह है कि अब तक बरेली, दिल्ली के लिए कोई भी ट्रेन संचालित नहीं हो सकी।
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