लखीमपुर खीरी। एडीजे भूलेराम ने सात साल पुराने दहेज हत्या के मामले में पति सामून और उसके दो भाइयों शाबान व छोटू को दोषी ठहराया है। अदालत ने तीनों को दस-दस साल के कठोर कारावास और 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
मामला ईसानगर थाना क्षेत्र के गोगान गांव का है। मोहम्मद हसन ने बेटी नूरसबा की शादी सामून से की थी। आरोप था कि शादी के बाद से नूरसबा को अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। 12 फरवरी, 2019 को नूरसबा ससुराल में बुरी तरह जली हुई मिली थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मजिस्ट्रेट ने उसके मृत्युपूर्व बयान भी दर्ज किए थे। नूरसबा के पिता ने पति सामून और उसके भाइयों शाबान व छोटू को नामजद किया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से मोहम्मद हसनन, साबिया, इमदाद, एसआई धनंजय, नायब तहसीलदार डॉ. लालकृष्ण, सीओ अभिषेक प्रताप अजेय, एसओ रामसमुझ सरोज और कांस्टेबल दलील कुमार की गवाही हुई। बचाव पक्ष की ओर से मुनव्वर अली और शंकर के बयान दर्ज कराए गए। बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे भूलेराम ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।