कड़ी धूप, भीषण गर्मी और लू के गर्म थपेड़ों ने लोगों को बेहाल करके रख दिया है। सुबह से आसमान में तैरते बादल लोगों को तरसा रहे हैं। दोपहर में कड़ी धूप और गर्म हवाओं के कारण घर से बाहर तक निकलना मुश्किल हो रहा है। जेठ माह का आखिरी बड़ा मंगल होने के कारण आज सड़कों पर तो भारी भीड़ भाड़ रही लेकिन कड़ी धूप के कारण लोग परेशान रहे।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 45.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह आसमान में बादल छाए रहे। इससे उमस एकाएक बढ़ गई। दिन में कभी बादल ने उमस बढ़ाई तो कभी कड़ी धूप और लू के गर्म थपेड़ों ने झुलसा कर रख दिया। गर्मी का आलम यह था कि पंखे भी गर्म हवा देने लगे। इससे जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त हो गया।
दिन की अपेक्षा सुबह और शाम मौसम कुछ ठंडा रहा। सुबह ठंडी हवाएं चलीं लेकिन धूप निकलते ही यह गर्म हो गईं। शाम चलने वाली ठंडी हवाओं ने मामूली राहत दी। खुले आसमान के नीचे तो रात ठंडी महसूस हुई लेकिन बंद कमरों में कूलर और पंखे चलने के बावजूद लोग पसीने से तर-बतर रहे।
ट्रेनों पर भी भीषण
गर्मी का असर
मैलानी। पिछले काफी दिनों से पड़ रही गर्मी और बढ़े तापमान का असर अब ट्रेनों पर भी पड़ने लगा है। दो दिनों के भीतर ही दो ट्रेनों के इंजन काफी गर्म हो चुके हैं, जिससे ट्रेनें घंटों लेट हो चुकी हैं।
31 मई को पलिया कलां-ऐशबाग सेंक्चुरी एक्सप्रेस का इंजन भीरा से चलने के बाद खत्म हो चुके राजनारायनपुर स्टेशन पर गर्म होकर फेल हो गया था। इसी के अगले दिन एक जून को ऐशबाग से चलकर मैलानी आने वाली इंटरसिटी फास्ट पैसेंजर का इंजन मैलानी पंहुचने से पूर्व आउटर सिग्नल के पास गर्म होकर फेल हो गया। इससे यह ट्रेन एक घंटा बीच सेक्शन में ही खड़ी रही, जिससे यात्रियों को खासी परेशानियां उठानी पड़ीं। रेलवे से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि भीषण गर्मी की वजह से यह समस्या पैदा हो रही है।