लखीमपुर खीरी। प्रेम सबंध के शक में युवक की पीटकर हत्या करने के मामले में जिला जज शिवशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को हत्याभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ 20 हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम चंदपुरा निवासी संतोष कुमार को गांव के ही सरवन के चालचलन को लेकर शक था। सरवन 24 सितंबर 2012 को संतोष के बड़े भाई कल्लू के घर के आंगन में चारपाई पर लेटा था, तभी संतोष आ गया और सिर पर डंडे मारकर सरवन को मौत के घाट उतार दिया। इस सबंध में सरवन के भाई संजय ने घटना की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के दौरान चश्मदीद गवाह विनोद कुमार ने भी घटना की पुष्टि की। इस मामले में भीरा पुलिस ने आरोपी संतोष के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालती सुनवाई के दौरान मृतक के भाई संजय कुमार ने बताया कि संतोष ने प्रेम प्रसंग के शक में उसके भाई को मौत के घाट उतारा है। अदालत में सुनवाई के दौरान डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने भी मृत्यु पूर्व आई चोटों के कारण मौत की पुष्टि की। अदालत ने सुनवाई के बाद हत्याभियुक्त संतोष को उम्रकैद की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस की रहमदिली भी काम न आई
प्रेम प्रसंग के शक में सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर युवक को मौत के घाट उतारे जाने के मामले में स्पष्ट इरादे के बावजूद भीरा पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धारा 304 आईपीसी के तहत चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन जिला जज शिवशंकर प्रसाद ने बारीकी पकड़ ली और मुकदमा सही धारा 302 में तरमीम कर दिया, जिसके बाद इसी दफा में आगे की सुनवाई हुई।
मृतक के परिजन को मिलेगा मुआवजा
जिला जज शिवशंकर प्रसाद ने अदालती फैसले में सामाजिक न्याय का भी समावेश किया है, जिसके चलते हत्याभियुक्त पर लगाए गए जुर्माने में आधी रकम को मृतक के परिजन को बतौर मुआवजा अदा करने का आदेश दिया है।