फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होलिका दहन संग उड़े रंग गुलाल

Tue, 22 Mar 2016 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
विज्ञापन
हाोली - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शाम 4:02 बजे के बाद होगा मिलन-चुलन 
विज्ञापन

भद्रा, पूर्णिमा और रात बीतने के बाद होलिका दहन का नियम माना
होलिका दहन और मेल मिलाप के लिए तिथि और योग सही न मिलने से इस बार ज्योतिष भी असमंजस में रहे हालांकि शास्त्रीय परंपराओं को आधार बनाकर रास्ता निकाला गया और भोर में होलिका दहन के साथ रंग गुलाल उड़ने लगे। एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर लोग गले मिले और होली की बधाई दी।
विज्ञापन

ज्योतिषाचार्य पंडित राजेश शास्त्री का कहना है कि शास्त्रीय परंपरा के अनुसार भद्रा की तिथि में अग्नि लगने का विधान है तथा पूर्णिमा तिथि मिलने पर ही होलिका दहन होना चाहिए। बताया, होलिका दहन के तीन नियम हैं। पहला पूर्णिमा की तिथि हो, दूसरा रात का समय और तीसरा भद्रा बीत चुकी हो। यह तीनों ही संयोग बुधवार की भोर में मिलने के कारण 03.18 बजे से 03.24 के मध्य होलिका दहन का विधान बन रहा है। इसलिए भोर में ही होलिका दहन किया जा रहा है। बुधवार को रंग खेला जाएगा, लेकिन होली का मिलन-चुलन प्रतिपदा तिथि बुधवार की शाम 4:02 बजे लगने के बाद ही होगा। 
विज्ञापन

रंग खेलने से पहले दें ध्यान  
तेल अथवा पेट्रोलियम जेली का लेप शरीर पर लगाकर बाहर निकले, इससे पानी और रंग का असर कम होगा
रंगों को आंखों और मुंह में जाने से बचायें, रंग अस्थमा, मुंह का अल्सर, आंतों में घाव के कारण बन सकते हैं 
चेहरे पर गाढ़े रंग का लेप लगाने से परहेज करें, ऐसे रंगों से त्वचा केमिकल बर्न का शिकार हो सकती है
सिर को ढककर रखे, रंग बालों में घुसकर जड़ों को नुकसान पहुंचाने के साथ खुजली कर देता है
रंग खेलने के बाद क्या करें  
बेसन, तेल और पानी के मिश्रण से बना उबटन शरीर पर लगाकर मालिश करें, इससे काफी हद तक रंग छूट जायेगा
उबटन छुड़ाने के बाद अगर साफ्ट क्रीम सोप से नहाए तो खुश्की की आशंका कम हो जाती है
शरीर पर रंग छुड़ाने के लिये ज्यादा प्रयास न करें, इससे त्वचा को नुकसान पहुंचने की आशंका होती है
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें