जिला अस्पताल के कार्डियोलॉजी भवन का दूसरे कार्यों में हो रहा उपयोग
अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ का एक पद स्वीकृत, जो दस साल से है रिक्त
लखीमपुर खीरी। शहर से लेकर जिले की आबादी बढ़ने के साथ हृदय रोगियों की भी संख्या बढ़ी है। मगर, जिला अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग को एक डॉक्टर तक नहीं मिल सका है। हालांकि अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ का एक पद स्वीकृत है, जो पिछले करीब 10 साल से खाली पड़ा है। हार्ट स्पेशलिस्ट के न होने से हृदय रोगी लखनऊ और बरेली भागने को मजबूर हैं। वहीं समय पर इलाज न मिलने पर कई बार हार्ट अटैक पीड़ित की जान तक चली जाती है। विशेषज्ञ की तैनाती न होने से कार्डियोलॉजी विभाग के भवन का दूसरे कामों में प्रयोग लिया जा रहा है।
जिले वासियों को हृदय रोग का इलाज कराने के लिए लखनऊ आदि शहरों तक न दौड़ना पड़े इसलिए जिला अस्पताल हार्ट रोगियों के लिए अलग कार्डियोलॉजी विभाग बना। शासन ने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. केसी वर्मा की तैनाती की। इससे जिले वासियों को हार्ट रोग को बेहतर इलाज मिलना शुरू हो गया। मगर, कुछ समय बाद उनका तबादला गैर जनपद कर दिया। इसके बाद आज तक कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी। डॉक्टर के अभाव में कार्डियोलॉजी विभाग हृदय रोगियों के लिए सिर्फ सफेद हाथी बनकर रह गया, जबकि आबादी बढ़ने के साथ हृदय रोगियों की संख्या भी बढ़ती गई।
असंतुलित खान पान ने बढ़ाई रोगियों की संख्या
डॉक्टरों का कहना है कि असंतुलित खान पान और जीवनशैली से 100 में से हर दसवां व्यक्ति किसी न किसी तरह के हृदय रोग से पीड़ित है। हृदय की बीमारी अब उम्रदराज लोगों की बीमारी नहीं रही, बल्कि युवा भी इसकी गिरफ्त में आने लगे हैं। हालांकि समय समय पर शहरवासियों से लेकर सामाजिक संगठनों के लोग अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों से हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनात करने की मांग करते रहे। मगर, आज तक इनका सपना पूरा नहीं हो सका।
कार्डियोलॉजी विभाग होने के बाद भी हृदय रोग विशेषज्ञ का न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला अस्पताल में हार्ट अटैक पीड़ित के प्राथमिक उपचार तक की व्यवस्था नहीं है। शासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- योगेश जोशी, संतोषनगर
असंतुलित जीवन शैली के कारण हृदय रोग के मरीज भी बढ़ रहे हैं। अब तो युवा तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। मगर, जिला अस्पताल में इलाज तक का इंतजाम नहीं है। जिला अस्पताल में हृदय के डॉक्टर की तैनाती बेहद आवश्यक है।
- शरद मेहरोत्रा, नई बस्ती
हृदय रोग विशेेषज्ञ की अत्यंत जरूरत है। हार्टअटैक पड़ने पर पीड़ित लखनऊ और बरेली भागने के लिए मजबूर होते हैं। समय पर इलाज न मिलने से कई बार उनकी दिक्क्तें बढ़ जाती है। इस पर शासन और प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
- दलजीत सिंह बग्गा, पंजाबी कॉलोनी
जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 26 पद है, सिर्फ हृदय रोग विशेषज्ञ का पद खाली है। इसके बारे में समय समय पर शासन को सूचना भेजी जाती है। जिला अस्पताल में जांच और प्राथमिक उपचार का इंतजाम है।
- डॉ. संतोष कुमार मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी जिला अस्पताल