लखीमपुर खीरी। खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म जीवों की जांच के लिए नमूने सुरक्षित रहने के लिए छह माह पहले मिले डीप फ्रीजर की अब तक पैकिंग तक नहीं खुल सकी है। ऐसे में खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म जीवों की जांच नहीं हो पा रही है।
शासन ने खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म जीवों जैसे अमीबा, प्रोटोजोवा, कवक, फंगस, बैक्टीरिया आदि की भी जांच के लिए नमूने सुरक्षित रखने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को करीब छह माह पहले डीप प्रीजर उपलब्ध कराए थे। जो अब तक पर्याप्त जगह न होने के कारण चालू नहीं हो सके हैं।
जनपद में खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले कम नहीं हो रहे हैं, इसके अलावा खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म जीवों के पनपने के मामले भी हैं, लेकिन इनकी जांच के लिए अब तक विभाग के पास कोल्ड चेन मेंटेन करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। मसलन सूक्ष्म जीवों की जांच के लिए नमूनों को जीरो डिग्री सेंटीग्रेड पर रखा जाना आवश्यक है और लैब तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए आइस बॉक्स की आवश्यकता होती है। कोरोना काल में वायरस का प्रकोप होने के कारण शासन ने खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म जीवों की जांच कराने का फैसला लिया था, जिसके लिए जनपद को तीन डीप फ्रीजर, 10 आइस बॉक्स सहित अन्य उपकरण उपलब्ध कराए गए थे, जिनका प्रयोग अब तक नहीं किया जा सका है।
बताया जाता है कि अभिहित अधिकारी कौशलेंद्र शर्मा ने इन उपकरणों को शुरू करने के लिए प्रस्ताव बनाकर आयुक्त के पास भेजा है, जिसके स्वीकृत होने पर दो लाख रुपये तक बजट मिलेगा, उसके बाद उपकरणों के शुरू होने की उम्मीद है।
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ऐसे होती है नमूनों की जांच
किसी भी खाद्य पदार्थ की जांच के लिए चार स्तर पर नमूने भरे जाते हैं। इसमें तीन नमूनों को कार्यालय में ही यानी डीप फ्रीजर में रखा जाता है। जबकि एक नमूने को जांच के लिए लैब भेजा जाता है। डीप फ्रीजर में रखे गए नमूनों में एक की जांच संबंधित व्यापारी, दूसरे की अभिहित अधिकारी और तीसरे की जांच आवश्यकता पड़ने पर कराई जाती है।
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खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवों की जांच के लिए कोल्ड चेन मेंटेन करना आवश्यक है, जिसके लिए डीप फ्रीजर व आइस बॉक्स की उपलब्धता कराई जा चुकी है। अभी इन्हें शुरू करने के लिए पर्याप्त जगह का अभाव है, जिसकी व्यवस्था के लिए प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है।
-कौशलेंद्र शर्मा, अभिहित अधिकारी