परिषदीय स्कूलों में बच्चों की छुट्टी के चलते अध्यापकों की पौ बारह है। बीईओ के निरीक्षण में कई विद्यालयों में पूरा का पूरा स्टाफ ही नदारद मिला। बीएसए के आदेश पर उच्च प्राथमिक विद्यालय अमेठी में अपने कार्यकाल के दौरान प्रधानाध्यापक मधुकर दीक्षित की अनियमितताओं की शिकायत की स्थलीय जांच करने बुधवार को बीईओ रमेश मौर्या अमेठी उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचे।
उन्होंने वहां मौजूद कई ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान कई खामियां मिलीं। खंड शिक्षा अधिकारी रमेश मौर्या ने बताया कि एक साल पहले बनाया गया अतिरिक्त कक्षा-कक्ष जर्जर अवस्था में है। मौके पर मौजूद यासीन, जमील, दनकुन और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कमरे बनवाते समय छतों में सरिया दूर-दूर डाली गई हैं, चौदह एक का मसाला लगाकर कमरे बनवाए गए हैं। दीवारों का प्लास्टर गिर रहा है। प्लास्टर गिर जाने से दीवार में लगी ईंट दिखने लगी है, खिड़कियों में पल्ले खराब किस्म के लगवाए गए हैं। बीईओ को छात्रवृत्ति और यूनिफार्म वितरण सहित स्कूली अभिलेखों में छात्रों की जन्मतिथि में हेराफेरी समेत गंभीर खामियां मिलीं।
वहीं प्राइमरी स्कूल अमेठी में प्रधानाध्यापक मधुकर दीक्षित अनुपस्थित पाए गए। पूछने पर मौजूद प्रशिक्षुओं ने बताया कि प्रधानाध्यापक एक सप्ताह से स्कूल नहीं आ रहे हैं। स्कूल में एक प्रशिक्षु शिक्षक मेज पर पैर रखे बैठा मिला। मौके पर मौजूद एक ग्रामीण ने बताया कि मास्टर साहब के हस्ताक्षर रसोइया कृष्ण कुमार बनाता है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय बसंतापुर में पूरा स्टाफ स्कूल से नदारद मिला। निरीक्षण के समय ही एक प्रशिक्षु स्कूल में उपस्थित मिली। उच्च प्राथमिक विद्यालय अमेठी में सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सहायक अध्यापक और अनुदेशक राकेश मौजूद मिले। प्राइमरी स्कूल अवस्थीपुरवा में प्रशिक्षु शिक्षिका और शिक्षामित्र अलका मिश्रा अनुपस्थित मिले जबकि सहायक अध्यापक लक्ष्मन उपस्थित मिले। पूर्व माध्यमिक स्कूल में सहायक अध्यापक मोबीन अनुपस्थित मिले जबकि अनुदेशक के पद पर कार्यरत अजरा मौजूद मिलीं।