इंदिरा आवास के लिए वर्ष 2015-16 में लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया में फेरबदल किया गया है। इस योजना में अब लाभार्थियों के चयन के लिए वर्ष 2011 में हुए सामाजिक, आर्थिक और जातिगत गणना को आधार बनाया गया है। गणना में चिह्नित किए गए आवासहीन लोगों को योजना में पहली प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद कच्चे मकान वाले गरीबों का चयन किया जाएगा।
परियोजना निदेशक डॉ. दिनेश कुमार सिंह के मुताबिक इस बाबत जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों को गणना का प्रिंटआउट जारी कर दिया गया है और जून माह तक लाभार्थियों का चयन कर फाइनल सूची सौंपने को कहा गया है। इंदिरा आवास योजना में नए प्रावधानों के तहत साठ फीसदी आवास अनुसूचित जाति को और चालीस फीसदी आवंटन सामान्य वर्ग को किया जाना है। पीडी ने बताया कि खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जून माह में गांवों में पंचायतों में बैठक कर लाभार्थियों का चयन करें। खास बात है कि योजना में लाभार्थियों का समग्र गांवों का निवासी होने जैसी कोई बाध्यता नहीं है। अब इंदिरा आवास के लिए लाभार्थियों का चयन पूरे जिले में किया जाना है। इस बाबत दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
बढ़ सकती है इंदिरा आवास योजना की धनराशि
इंदिरा आवास योजना के तहत मैदानी इलाके में लाभार्थी को आवास के लिए 70 हजार रुपये मिलता था, लेकिन विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष में लाभार्थियों को मिलने वाली धनराशि बढ़ सकती है। हालांकि पीडी ने बताया कि अभी इस संबंध में कोई आदेश नहीं आया है।
न फंड मिला न लक्ष्य हुआ निर्धारित
वर्ष 2015-16 में इंदिरा आवास योजना के चयन की प्रक्रिया में फेरबदल करने के बाबत तो दिशा-निर्देश मिले हैं, लेकिन अभी इस योजना में न तो फंड रिलीज हुआ है और न ही कोई लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे अभी योजना की गति धीमी है।