सीयूजी नंबर नहीं और न ही बेसिक फोन
विद्युत वितरण खंड प्रथम के पांच विद्युत उपकेंद्रों ढखेरवा, धौरहरा टाउन, मितौली, मढ़िया बाजार और ओयल से चाह कर भी दूरभाष से संपर्क नहीं किया जा सकता है। तार टूटने या हादसा होने की सूचना देना भी आसान नहीं है, क्योंकि दूरभाष सेवा न होने से इन उपकेंद्रों पर शिकायत दर्ज कराने के लिए दौड़ लगानी पड़ती है।
तेजी से पैर पसार रहे सूचना क्रांति के दौर में बिजली का अहम रोल है, लेकिन यहां हालात इसके उलट हैं। विद्युत वितरण उपखंड द्वितीय के उपकेंद्र ढखेरवा और धौरहरा टाउन में सूचना देने के लिए फोन या मोबाइल सुविधा अब तक नहीं उपलब्ध हो पाई है। इसी तरह उपखंड तृतीय के विद्युत उपकेंद्र मितौली और मढ़िया बाजार में फोन या मोबाइल की सुविधा मौजूद नहीं है। इसी उपखंड के विद्युत उपकेंद्र ओयल पर सूचना का आदान प्रदान करना मुश्किल काम है। सूत्र बताते हैं कि संविदा और प्राइवेट कर्मचारियों के निजी मोबाइल नंबर हैं, लेकिन इसकी जानकारी कुछ ही उपभोक्ताओं को रहती है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने के लिए खासी परेशानियों को सामना करना पड़ता है। अधिशासी अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि जिन उपकेंद्रों में दूरभाष की सुविधा नहीं है, उन्हें जल्द ही सीयूजी नंबर दिए जाएंगे। विभाग से सीयूजी सिम की डिमांड की गई है।