उत्तर प्रदेश वन निगम का मामला, लिपिक ने कई गंभीर आरोप लगाए
उत्तर प्रदेश वन निगम में कार्यरत तृतीय श्रेणी कर्मचारी (लिपिक) ने प्रभागीय लौगिंग प्रबंधक के उत्पीड़न से तंग आकर इस्तीफा दे दिया है। कर्मचारी का आरोप है कि आयकर पेनाल्टी उसके वेतन से करीब एक लाख रुपये कटौती कर ली गई, जबकि इसके लिए वह कतई जिम्मेदार नहीं है। इसी तरह समय पर वेतन न देने और चार्ज छोड़ने के बाद निलंबन किए जाने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
वन निगम के कर्मचारी राजाराम दुबे ने वृहस्पतिवार को क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) को इस्तीफा दिया है, जिसमें प्रमुख कारण प्रभागीय लौगिंग प्रबंधक अभय कुमार द्वारा उत्पीड़न किया जाना बताया है। कर्मचारी के मुताबिक आयकर पेनाल्टी की वसूली सहायक लेखाकार से की जानी थी, लेकिन प्रबंधक की शह पर उसके खाते से एक लाख चार हजार कटौैती कर ली गई। हरहंशी प्रसाद डाकिया के टीए बिल पर आडिट आपत्ति लगी, जिसकी वसूली उसके वेतन से सात हजार रुपये काटकर की गई है। जबकि इसका आहरण डाकिया ने किया था। इसके अलावा कर्मचारी ने चार माह बाद वेतन देने, चार्ज दूसरे कर्मचारी को देने के बाद निलंबन किए जाने के आरोप लगाए हैं। इन्हीं उत्पीड़न से तंग आकर इस्तीफा देने की बात कहते हुए कर्मचारी ने डीएम को भी प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। उधर, प्रभागीय लौगिंग प्रबंधक अभय कुमार ने बताया ेिक उत्पीड़न का आरोप गलत है। आयकर पेनाल्टी दोनों कर्मचारियों के वेतन से काटा गया है। उन्होंने अन्य आरोपों के बारे में जानकारी होने से इंकार किया है।