चंदनचौकी में हस्तशिल्प कला के प्रशिक्षण में कार्य करतीं महिलाएं। संवाद
चंदनचौकी/पलियाकलां। थारू क्षेत्र के कई गांवों में एग्री रूरल एंड गंगे ग्राम रूरल टूरिज्म परियोजना के तहत थारू महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए उनको हस्तशिल्प प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दो दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को समापन किया गया। जिसमें महिलाओं को कई अन्य जानकारियां भी दी गईं।
परियोजना के तहत निझौटा, बनकटी, सिंगहिया, पिपरौला, गोबरौला, चंदनचौकी, परसिया, हिम्मतनगर गांवों में चल रहे दो दिवसीय हस्तशिल्प प्रशिक्षण का समापन किया गया। कार्यदायी संस्था न्यू पब्लिक स्कूल समिति लखनऊ की ओर से रूरल एक्सपर्ट वंदिता सचना व जिला समन्वयक भूपेंद्र सिंह ने प्रशिक्षण दिया।
बताया कि प्रशिक्षण का लक्ष्य थारू गांवों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर आदिवासी जनजाति की महिलाओं की आजीविका में वृद्धि करना है। यह भी बताया कि गोबलौला हस्तशिल्प निर्मित मूंज एवं जूट से बनने वाले उत्पादों का प्रशिक्षण निर्मला देवी के द्वारा 30 महिलाओं को दिया गया है। इस दौरान ग्राम समन्वयक विपिन कुमार, प्रभावती, हेलिया देवी, गीता, राखी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।