मोहम्मदी रेंज के गांव इमलिया से बाघिन और शावक को पकड़ा गया था। पशु चिकित्सकों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके बाद दोनों को सुहागी बरुआ के जंगल में छोड़ दिया गया।
लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी रेंज के गांव इमलिया से पकड़े गए बाघिन और शावक को महाराजगंज जिले के शिवपुर रेंज की बीट संख्या 54 में शुक्रवार को स्वच्छंद विचरण के लिए सुरक्षित छोड़ दिया गया। अब बाघिन और उसके शावक का नया ठिकाना सुहागी बरुआ का जंगल होगा।
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मोहम्मदी रेंज के गांव इमलिया से पकड़े गए बाघिन और शावक को बृहस्पतिवार शाम छह बजे रेस्क्यू वैन से वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों की निगरानी में महाराजगंज जिले के सुहागी बरुआ जंगल में भेजा गया था। 440 किलोमीटर की दूरी तय करने के दौरान बाघिन और शावक को खाने के लिए मांस और पीने का पानी दिया गया।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ संजय बिस्वाल ने बताया कि बाघिन और शावक को स्वच्छंद विचरण के लिए जंगल में छोड़ने से पहले पशु चिकित्सकों की टीम से उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसमें दोनों स्वस्थ पाए गए। इसके बाद वनाधिकारियों और पशु चिकित्सकों की निगरानी में 15 मिनट के अंतराल में दोनों को बारी-बारी से पिंजरे से आजाद किया गया। पिंजरे से आजाद होने के बाद निगरानी टीमों को थोड़ी दूर जाकर बाघिन और शावक एक साथ जंगल में विचरण करते दिखाई दिए।