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ग्राउंड रिपोर्ट : 'तीन दिन भूखे रहे, जब खाना मिला तो आंसू निकल आए'; बाढ़ पीड़ितों ने बताया दर्द

Sun, 14 Jul 2024 12:37 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

गोविंद नगर लखीमपुर खीरी जिले की सीमा का अंतिम गांव है। जिला मुख्यालय से करीब 135 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में आठ जुलाई को बाढ़ आई थी। अब बाढ़ का पानी तो उतर गया है, लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। 
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बाढ़ प्रभावित गांव से ग्राउंड रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी जनपद में बाढ़ से 200 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। थाना संपूर्णानगर इलाके में सबसे ज्यादा गोविंद नगर गांव बाढ़ से प्रभावित हुआ है। यह जिले की सीमा का अंतिम गांव भी है। जिला मुख्यालय से करीब 135 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में आठ जुलाई को बाढ़ आई थी। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने पर यहां के हालात काफी खराब हो गए थी। छह दिन बाढ़ का पानी उतरा तो बर्बादी का मंजर दिखाई दिया। गांव को जाने वाली सड़क टूट गई। सैकड़ों बीघा फसलें बाढ़ के पानी में डूबकर बर्बाद हो गईं। कई लोगों के अब रोजी रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। 

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गोविंद नगर की बुजुर्ग राजकुमारी ने बताया कि उनके घर में बाढ़ का पानी भर गया था। सारा सामान डूब गया। बनाने खाने की सुधिवा नहीं थी। तीन दिन तक खाना नहीं खाया। भूखे रहकर दिन काटे। जब खाना मिला तो आंखें भर आईं। गुड्डू यादव ने बताया कि पहली बार ऐसी बाढ़ आई। पूरे गांव में चार से पांच फीट तक पानी भर गया। उनकी धान की फसल बर्बाद हो गई। गन्ने की फसल को भी नुकसान हुआ है। गांव में तीन घर हैं, हर घर में बाढ़ का पानी भर गया था। गांव प्रधान के पति देवराम मौर्य ने बताया कि स्टीमर मंगा रखा था। कई लोगों को स्टीमर से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था। 
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