किसानों का बकाया गन्ना भुगतान दिलाने के लिए गोला थाने में की गई यह कार्रवाई
अरविंद गिरी बोले- गन्ना दूसरे मिल से खरीदवाने और भुगतान की व्यवस्था करे जिला प्रशासन
गोला गोकर्णनाथ। बकाया गन्ना भुगतान को लेकर गोला विधायक अरविंद गिरी ने रविवार को बजाज चीनी मिल के मालिक और प्रबंधन पर गोला थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। इससे पहले पलिया में डीएम ने गन्ना बकाया भुगतान न करने पर पलिया मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
रविवार की सुबह दस बजे विधायक अरविंद गिरी अपने साथियों के साथ कोतवाली पहुंचे। सीओ संजय नाथ तिवारी एवं प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडे को बजाज चीनी मिल मालिक और प्रबंधन के अधिकारियों के खिलाफ तहरीर दी।
विधायक ने तहरीर में कहा है कि बजाज चीनी मिल मालिक द्वारा कूट रचित षड्यंत्र एवं उनके इशारे पर मिल के अधिकारियों द्वारा किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को लेकर भ्रामक प्रचार एवं अनवरत झूठे आश्वासन देकर सार्वजनिक छवि धूमिल की गई है। बकाया गन्ना भुगतान न किए जाने से किसान आहत हैं और नगर की व्यापारिक अर्थव्यवस्था भी जर्जर हो चुकी है।
गन्ना भुगतान के संबंध में यूनिट हेड ओमपाल सिंह, कारखाना प्रबंधक आरके मिश्रा और उनके विधि सलाहकार अवनि कुमार पांडे से कई बार वार्ता हुई पर हर बार ही वह आश्वासन देकर भुगतान को टालते रहे। इससे किसानों और आमजन में विधायक की सार्वजनिक छवि धूमिल हुई है। तीन नवंबर को विधायक के आवास पर यूनिट हेड ने बताया था कि उनकी मिल मालिक से वार्ता हुई है। दस नवंबर तक भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।
उन्होंने मिल मालिक और प्रबंधन पर गुमराह कर विधायक की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया। विधायक की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने बजाज चीनी मिल मालिक, यूनिट हेड ओमपाल सिंह, कारखाना प्रबंधक आरके मिश्रा और उनके विधि सलाहकार अवनि कुमार पांडे के खिलाफ 419, 420, 406, 467 और 468 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस मौके पर विश्वनाथ सिंह, अवधेश मिश्र, रामगुलाम पांडे, आशीष सिंह, विनोद वर्मा, सरताज खान, गोपाल कृष्ण शुक्ल, हरीश भारती, डब्बू सिंह, अजय गिरि, मिन्नी भसीन, धर्मेंद्र गिरि मोंटी, राहुल भारती आदि मौजूद रहे।
विधायक बोले, सिर्फ मुकदमा ही नहीं कार्यवाही भी करें अधिकारी
गोला। विधायक अरविंद गिरी ने अधिकारियों से कहा कि मुकदमा ही नहीं मामले में कार्यवाही भी करें। भाजपा सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करवाया है। प्रदेश की सभी चीनी मिलों ने गन्ना भुगतान कर दिया है, लेकिन बजाज ग्रुप की चीनी मिलों ने गन्ना भुगतान न करके गन्ना किसानों के सामने जीवन मरण का प्रश्न पैदा कर दिया है। आठ दिसंबर को जिला प्रशासन की मीटिंग है जिसमें गन्ना अधिकारी और मिल प्रबंधन के अधिकारी होंगे।
8 से 10 दिन में भुगतान को लेकर पार्टी संगठन सरकार और प्रशासन के अधिकारी मिलकर किसी निराकरण पर पहुंचने का प्रयास करेंगे। किसान धैर्य रखें। बजाज अब भुगतान करने की स्थिति में नहीं है तो ऐसे दिवालिया मिल को गन्ना क्यों दिया जाए। जिला प्रशासन क्षेत्र का गन्ना अन्य जिलों में खरीदवाने और भुगतान कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। संवाद