पसगवां (लखीमपुर खीरी)। कोतवाली पुलिस ने संजय यादव की हत्या का पर्दाफाश करते हुए उसकी प्रेमिका सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्या प्रेमिका से पत्नी बनी महिला ने अपने पहले पति और पुत्र की मदद से संपत्ति की लालच में हत्या की थी।
पसगवां कोतवाली क्षेत्र के ग्राम उचौलिया में शाहजहांपुर जिले की ग्राम कोटावारी निवासी संजय कुमार यादव (40) अपनी प्रेमिका व पत्नी निर्मला देवी के साथ चार वर्ष से उचौलिया में किराये पर रह रहा था। संजय रोजा की एक नमकीन फैक्टरी में नौकरी करता था। निर्मला के पहले पति जोगेंद्र निवासी कोटावारी से तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। 12 फरवरी को संजय का शव उसके कमरे में पाया गया था। निर्मला देवी ने बताया कि संजय के पेट में दर्द हो रहा था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संजय की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने मृतक संजय कुमार यादव के भाई बेचे लाल यादव की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। पुलिस ने मृतक संजय यादव की प्रेमिका निर्मला देवी, उसके पहले पति जोगेंद्र और 15 वर्षीय पुत्र को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। पूछताछ में तीनों ने गला दबाकर हत्या करने की बात कबूल कर ली। निर्मला ने बताया कि संजय ने अपनी दो बीघा जमीन बेच दी थी। जिससे उसका संजय से विवाद हो गया था।
संजय ने जोगेंद्र का पैर भी चोटिल कर दिया था। पत्नी नाराज होकर जोगिंदर से मिली और योजना बनाकर संजय की गला दवा कर हत्या कर दी। पुलिस ने निर्मला देवी, उसके पहले पति जोगेंद्र और पुत्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पति पत्नी को जेल भेज दिया गया है। जबकि पुत्र को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
चार साल से संजय के साथ पत्नी के रूप में रह रही थी निर्मला
हत्यारोपी निर्मला देवी पिछले चार साल से संजय यादव के साथ बतौर पत्नी रह रही थी। 2019 को शादी की लिखा पढ़ी शपथ पत्र के जरिए की थी। कोतवालों प्रभारी निरीक्षक अंबर सिंह ने बताया कि 26 अगस्त 21 को संजय यादव ने अपनी संपत्ति की विरासत निर्मला के नाम कर दी, लेकिन कर्ज का अदायगी के लिए दो बीघा जमीन बेच दी। निर्मला को यह आभास हुआ कि संजय की सम्पति उसके हाथ से निकल रही है इसी को लेकर संजय और निर्मला के बीच हुआ विवाद संजय की मौत का कारण बना।