बांकेगंज में चर्चा में है मुस्लिम भाई और हिंदू बहन का यह प्यार
भाई-बहन का स्नेह जाति, धर्म, संप्रदाय से परे है। यह पावन रिश्ता रक्त संबंध से अधिक भावनात्मक होता है। कस्बे से सटे कुकरा गांव निवासी एक मुस्लिम युवक अपनी मुंहबोली बहन से रक्षाबंधन पर्व पर हर साल राखी बंधाता है और अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार भी देता है। इस बार इस मुस्लिम युवक ने अपनी बहन को चंदन और तुलसी के पौधे भेंट किए।
कुकरा गांव के गढ़ी मोहल्ला निवासी जकीउल्ला खां उर्फ छोटे इसी गांव की पसियाना मोहल्ला निवासी अपनी मुंहबोली बहन रूपरानी से हर साल राखी बंधवाता है। चाहे जो भी स्थिति और चाहे जहां भी दोनों हो रक्षाबंधन के दिन रूपरानी अपने मुंहबोले मुस्लिम भाई के घर बच्चों और पति के संग रक्षाबंधन के दिन थाल में अक्षत, रोली, चावल, राखी सहित पूजन सामग्री के साथ पहुंचकर उसके माथे पर टीका लगाने के बाद हाथ की कलाई पर राखी बांधती है। पिछले साल इस भाई ने अपनी बहन को राखी के बदले एक गाय उपहार में दी थी। इस बार उसने राखी बांधने के बाद तुलसी और चंदन का पौधा देकर न केवल अपनी बहन का बल्कि सभी का दिल जीत लिया। भाई-बहन का यह अनोखा प्यार क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। बहन या उसके परिवार पर कोई मुसीबत आने या किसी जरूरत पर यह मुस्लिम भाई हमेशा साथ खड़ा नजर आता है। रूपरानी ने बताया कि घर पहुंचने पर मुस्लिम भाई की पत्नी मैसर जहां और बच्चे अपने सगे संबंधी के तरह उसके परिवार को लाड़ प्यार और मान सम्मान देते है।