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नहीं हो रही सरकारी खरीद, किसान परेशान

Sun, 20 Nov 2016 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ।
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अालू - फोटो : अमर उजाला
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30 फीसदी रह गया सब्जी कारोबार
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60 फीसदी घटी 11 दिन में धान की खरीद
अलीगंज रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति में नोट बंदी के चलते सन्नाटा पसरा है। मंडी समिति में नोटों की कमी के चलते धान की खरीद नहीं हो पा रही है। सब्जी कारोबार भी ठप होने के कगार पर है। मंडी समिति परिसर में सरकारी क्रय केंद्र और   आढ़तियों के फड़ सूने पड़े हैं। परेशान किसान अपनी उपज को बेचने के लिए मंडी समिति तो पहुंच जाता है, लेकिन नोट न होने के कारण उपज नकद मूल्य पर न बिकने से किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ता है। मंडी समिति कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक नोट बंदी के 15 दिनों के अंदर धान खरीद 60 फीसदी से नीचे आ गई है। वहीं, सब्जी मंडी का कारोबार महज 30 फीसदी पर ही सिमट गया है, जिससे आढ़ती, छोटे दुकानदार सभी परेशान हैं।
कृषि उत्पादन मंडी समिति में फल मंडी और गल्ला मंडी होने के कारण दोपहर तक व्यापारियों, किसानों के शोरगुल से कोलाहल युक्त रहने वाली इन दिनों नोट बंदी के चलते सन्नाटे से गुजर रही है। मंडी समिति में एक ओर क्रय केंद्र सूने पड़े हैं तो दूसरी तरफ आढ़तियों के फड़ गल्ला विहीन हैं। सब्जी मंडी में थोक आढ़ती छोटे दुकानदारों के पास छोटे नोट न होने के कारण माल बेच नहीं पा रहे हैं, वहीं बडे़ नोट और करेंसी की कमी के चलते आढ़ती दूर से आए सब्जी व्यवसायियों और किसानों से माल खरीद नहीं पा रहे हैं, जिससे सब्जी व्यवसाय गिरकर 30 फीसदी पर सिमट गया।
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इस तरह बिगड़ा मंडी समिति का कारोबारी आंकड़ा
क्रमांक    दिनांक    (गतवर्ष)    दिनांक (वर्तमान) (    आवक कुंतल में)   (आवक कुंतल में)
1-         9-11-15         2287              9-11-16                2670
2-        10-11-15        2676              10-11-16              1350
3-        11-11-15        425                11-11-16              1730 
4-        15-11-15        2340             15-11-16               1350
8-        16-11-15        4727             16-11-16               1485
9-        17-11-15        6908             17-11-16               1850
           योग                22173                                        10830
मंडी समिति कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक इस दशा में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विभाग द्वारा मिला व्यवसाय का आंकड़ा भी पूरा करना मुसीबत बना है।
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20 रुपये में भी नहीं बिकी गोभी की बोरी
नोट बंदी का दिख रहा असर
गोला  गोकर्णनाथ। मंडी समिति की सब्जी मंडी इन दिनों मंदी से  गुजर रही है। हरी सब्जी व्यवसायी अशोक जोशी, मोहम्मद आरिफ, पुष्पेंद्र, लालाराम वर्मा, नाजिम आदि का कहना है कि नोट बंदी का धंधे पर बुरा असर पड़ा है। तीन दिन पहले खरीदी गई गोभी की बोरी को 20 रुपये में बेचने पर भी ग्राहक नहीं मिल रहा है। हरी मिर्च, सोया, मूली, पालक, गाजर, अदरक, शिमला मिर्च आदि बिक्री न होने पर सड़ने की नौबत आ गई है। ऐसे में धंधे को बचाना मुश्किल हो रहा है।

नहीं बचा 30 फीसदी कारोबार
गोला गोकर्णनाथ। मंडी समिति की सब्जी मंडी आढ़ती मंदी से परेशान हैं। नोटों की कमी के चलते न माल खरीद पा रहे हैं और नही बेच पा रहे हैं। आढ़ती, फिरोज, बब्बू, मुश्ताक, फिदा हुसैन, रईस अहमद, विजय मिश्र, मोहम्मद इजहार, मोहम्मद इसराज, मोहम्मद हमीद का कहना है कि बाजार की इतनी मंदी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी, जब कारोबारियों के पास नोट तो हैं, लेकिन वह नोट कारोबार के काम का नहीं रह गया है, नौ नवंबर के बाद से बाजार में आयी नोटों की कमी के कारण कारोबार महज 30 प्रतिशत पर सिमट गया है।
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पल्लेदारों को भी रोजी रोटी का संकट
गोला गोकर्णनाथ। मंडी समिति में आढ़तों, क्रय केंद्रों पर काम करने वाले पल्लेदार भी नोट बंदी से परेशान हैं। उनके आगे रोजी रोटी का भी संकट आ गया है। सब्जी मंडी में मौजूद रवि, रामपाल, सुंदरलाल, सागर, इमरान, शंकर, रमाशंकर, सनई, सद्दीक, छोटे, कल्लू, जमुना आदि पल्लेदारों ने बताया कि मंडी में काम की मंदी के कारण उनका धंधा भी चौपट हो गया है। इस समय मुश्किल से 50-60 रुपये का ही काम हो पाता है, जबकि वह पहले 200 से 250 रुपये का काम कर लेते थे।
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